जोकोविच का सपना टूटा, सिनर पहली बार फाइनल में
विंबलडन 2025 में नोवाक जोकोविच का आठवां खिताब जीतने का सपना अधूरा रह गया। सेमीफाइनल में इटली के युवा स्टार जैनिक सिनर ने उन्हें सीधे सेटों में 6-3, 6-3, 6-4 से हराकर इतिहास रच दिया। यह मैच केवल 1 घंटा 55 मिनट चला और सिनर ने हर पहलू में जोकोविच पर दबदबा बनाए रखा।
23 वर्षीय सिनर ने शानदार टेनिस खेलते हुए कुल 36 विनर्स लगाए, 12 ऐस मारे और केवल 2 डबल फॉल्ट किए। उनकी सर्विस बेहद सटीक रही — पहली सर्व पर 81% और दूसरी सर्व पर 63% अंक जीते। वह हर रैली में जोकोविच से बेहतर नजर आए।
मैच के बाद सिनर की भावुक प्रतिक्रिया
जीत के बाद सिनर ने कहा, “यह मेरा सपना था। बचपन में मैं विंबलडन के मैच टीवी पर देखता था, और आज मैं फाइनल में पहुंचा हूं। मेरे पापा और भाई आज स्टेडियम में मौजूद थे, जो इस पल को और भी खास बनाता है। मैंने अपना शांत बनाए रखा और अपनी सर्वश्रेष्ठ टेनिस खेली।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि तीसरे सेट में जोकोविच थोड़े घायल नजर आए, लेकिन उन्होंने इसका फायदा उठाने की बजाय अपने गेम पर फोकस किया।
इतिहास में दर्ज हुआ नाम
सिनर 2018 के बाद विंबलडन में जोकोविच को हराने वाले केवल दूसरे खिलाड़ी हैं। इससे पहले 2023 में कार्लोस अल्कारेज ने उन्हें फाइनल में हराया था। जोकोविच ने अब तक 7 बार विंबलडन जीता है — पहली बार 2011 में और आखिरी बार 2022 में।
कार्लोस अल्कारेज की शानदार वापसी
वहीं दूसरे सेमीफाइनल में स्पेन के 22 वर्षीय कार्लोस अल्कारेज ने अमेरिका के टेलर फ्रिट्ज को 6-4, 5-7, 6-3, 7-6(6) से हराकर लगातार तीसरी बार विंबलडन फाइनल में जगह बनाई। यह उनकी विंबलडन में 20वीं लगातार जीत थी, जो उनकी निरंतरता का प्रमाण है।
गर्मी में भी शांत रहे अल्कारेज
मैच के बाद अल्कारेज ने कहा, “आज बहुत गर्मी थी, लेकिन मैंने अपना धैर्य नहीं खोया। मैंने रणनीतिक तरीके से खेला और हर सेट में अपने मौके बनाए। मुझे खुद पर गर्व है कि मैं इस तरह के कठिन मुकाबले में भी अपना संतुलन बनाए रख पाया।”
उन्होंने यह भी बताया कि उनका ध्यान सिर्फ खेलने पर होता है, न कि जीत की गिनती पर। उनके लिए सबसे बड़ी खुशी दुनिया के सबसे खूबसूरत कोर्ट पर खेलना है।
फाइनल में भिड़ेंगे दो चैंपियन्स
अब रविवार को फाइनल में सिनर और अल्कारेज आमने-सामने होंगे। जहां सिनर पहली बार विंबलडन फाइनल में पहुंचे हैं, वहीं अल्कारेज अपने तीसरे खिताब की तलाश में हैं। दोनों खिलाड़ी बेहतरीन फॉर्म में हैं और इस मुकाबले को लेकर फैन्स में जबरदस्त उत्साह है।
सिनर के पास आत्मविश्वास और जुनून है, जबकि अल्कारेज के पास अनुभव और खिताबी दबदबा। यह मुकाबला सिर्फ दो खिलाड़ियों के बीच नहीं, बल्कि दो टेनिस युगों के बीच की टक्कर है।
क्या कहती हैं संभावनाएं?
विश्व नंबर 1 जैनिक सिनर और गत विजेता कार्लोस अल्कारेज दोनों के पास खिताब जीतने के पूरे मौके हैं। एक ओर जहां सिनर का आक्रामक खेल दर्शकों को रोमांचित कर रहा है, वहीं अल्कारेज की मानसिक मजबूती और तकनीक उन्हें टेनिस का उभरता सितारा बनाती है।
इस बार का विंबलडन फाइनल न केवल रोमांचक होगा बल्कि भविष्य के महान खिलाड़ियों में से एक को पहचान भी देगा।
निष्कर्ष
Wimbledon 2025 का पुरुष फाइनल एक ऐतिहासिक टक्कर बनने जा रहा है। क्या जैनिक सिनर पहली बार चैंपियन बनेंगे या अल्कारेज अपने खिताब को बचा पाएंगे? इस सवाल का जवाब अब कुछ ही घंटों में सामने होगा, लेकिन इतना तय है कि दर्शकों को एक शानदार मुकाबला देखने को मिलेगा।
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