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अजमेर के तारागढ़ में 250 अवैध दुकानों पर चला बुलडोजर: वन विभाग की जमीन से हटाया जा रहा अतिक्रमण, भारी पुलिस बल तैनात

अजमेर के तारागढ़ में 250 अवैध दुकानों पर चला बुलडोजर

वन विभाग की जमीन को अतिक्रमणमुक्त करने की बड़ी कार्रवाई शुरू

राजस्थान के अजमेर जिले में वन विभाग ने तारागढ़ पहाड़ियों पर फैले अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया है। शनिवार सुबह से जारी इस कार्रवाई के तहत करीब 250 अवैध निर्माणों को निशाना बनाया गया है, जिनमें अधिकांश केबिननुमा दुकानें शामिल हैं।


40% अतिक्रमण हटाया जा चुका, शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा अभियान

प्रशासन के अनुसार, अब तक लगभग 40% अतिक्रमण को सफलतापूर्वक ध्वस्त किया जा चुका है। यह अभियान चरणबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है, जिसमें हर सेक्टर में मजिस्ट्रेट की निगरानी में कार्रवाई की जा रही है। वन विभाग के अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं, ताकि किसी भी प्रकार की कानूनी या तकनीकी समस्या का तत्काल समाधान हो सके।


करीब 300 अवैध निर्माण चिन्हित, कुछ को कोर्ट से स्टे मिला

प्रशासन ने पहले से ही क्षेत्र में करीब 300 अवैध निर्माणों की पहचान कर रखी थी। इनमें से कुछ निर्माणों पर हाईकोर्ट से स्थगन आदेश (स्टे) प्राप्त हो चुका है। जिन अतिक्रमणों को कोर्ट से राहत नहीं मिली है, उन्हें हटाने की प्रक्रिया तेज़ी से की जा रही है। कोर्ट से स्टे पाने वाले निर्माणों को अलग चिन्हित कर सुरक्षित रखा गया है।


कानून व्यवस्था बनाए रखने को भारी पुलिस बल तैनात

अभियान के दौरान किसी भी अवांछित स्थिति से निपटने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। अजमेर की पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, विभिन्न थानों के अधिकारी और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की टीमें तैनात हैं।


मीडिया की एंट्री पर रोक, पूरी कार्रवाई पर प्रशासन की सख्त निगरानी

प्रशासन ने एहतियातन मीडिया की एंट्री पर भी अस्थायी रोक लगा दी है, ताकि कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। सभी अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।


अतिक्रमण के खिलाफ वर्षों से मिल रही थीं शिकायतें

प्रशासन के अनुसार, तारागढ़ क्षेत्र में वन भूमि पर अतिक्रमण की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं। स्थानीय लोगों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं द्वारा कई बार इस बारे में जानकारी दी गई थी। शिकायतों के आधार पर ही वन विभाग ने संयुक्त निरीक्षण कर अतिक्रमण की पुष्टि की और कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की।


निष्कर्ष: वन भूमि को सुरक्षित करने की दिशा में बड़ा कदम

अजमेर का यह अभियान वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करने की दिशा में एक बड़ा और साहसिक कदम है। शांतिपूर्ण ढंग से चल रही इस कार्रवाई से यह संदेश भी गया है कि अब अवैध कब्जों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में इस तरह के और भी ऑपरेशनों की संभावना जताई जा रही है।

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