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अलवर हनी ट्रैप केस: फर्जी डॉक्टर बन 15 साल से कर रही थी ब्लैकमेलिंग, तृषा खान गिरफ्तार

फर्जी डॉक्टर बन 15 साल से कर रही थी ब्लैकमेलिंग

50 से ज्यादा हाई प्रोफाइल लोगों को बना चुकी है शिकार, जयपुर में दर्ज हैं 14 मामले


📍 राजस्थान में बड़ा हनी ट्रैप रैकेट बेनकाब

राजस्थान के अलवर जिले से एक बड़ा हनी ट्रैप गिरोह बेनकाब हुआ है। पुलिस ने मध्य प्रदेश के उज्जैन की रहने वाली तृषा खान को गिरफ्तार किया है, जो पिछले 15 वर्षों से खुद को डॉक्टर बताकर हाई प्रोफाइल लोगों को अपने जाल में फंसा रही थी और ब्लैकमेल कर मोटी रकम वसूलती थी।

तृषा खान के खिलाफ जयपुर में 14, अलवर, गुरुग्राम और दिल्ली में कई केस दर्ज हैं। शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि उसने 50 से ज्यादा कारोबारियों, अधिकारियों और अमीर लोगों को हनी ट्रैप में फंसाकर लाखों रुपये की वसूली की है।


👩‍⚕️ कैसे करती थी हनी ट्रैप का खेल

तृषा खान बेहद शातिर तरीके से हर शहर में अपनी नई पहचान बनाती थी। वह खुद को कभी डॉक्टर, कभी सोशल वर्कर बताकर महंगे होटलों, क्लबों या बार में हाई प्रोफाइल लोगों से संपर्क बनाती थी।


🔴 अलवर में रंगेहाथ पकड़ी गई तृषा

शिवाजी पार्क थाना पुलिस ने तृषा खान को एक फ्लाईओवर के पास एक कारोबारी से 20 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

कारोबारी ने बताया कि तृषा पहले उससे 45 हजार रुपये ऐंठ चुकी थी और फिर धमकी दी कि यदि उसने और पैसे नहीं दिए तो दुष्कर्म का झूठा केस दर्ज कर देगी।

डरे हुए पीड़ित ने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने जाल बिछाकर उसे पकड़ने की योजना बनाई, और आखिरकार वह रंगेहाथ गिरफ्तार कर ली गई।


👮‍♂️ कई अधिकारियों से थी पहचान, पुलिस को भी देती थी धमकी

शिवाजी पार्क थाने के एसएचओ विनोद सामरिया ने बताया कि तृषा खान के कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से संपर्क थे, जिनके नाम लेकर वह आम लोगों को धमकाया करती थी।

गिरफ्तारी के बाद भी तृषा ने कोर्ट परिसर में पत्रकारों को धमकाने की कोशिश की और बिल्कुल भी भयभीत नजर नहीं आई

यह दर्शाता है कि वह कानूनी कार्रवाई को हल्के में लेती थी और खुद को बचाने के लिए रसूखदारों का सहारा लेती थी।


📂 देशभर में फैला हुआ है जाल

तृषा खान के खिलाफ जयपुर, अलवर, दिल्ली और गुरुग्राम में कई केस दर्ज हैं

फिलहाल पुलिस उसे न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है और अन्य शहरों में दर्ज मामलों की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस को उम्मीद है कि इस गिरोह से जुड़े और लोगों की भी जल्द गिरफ्तारी हो सकती है।


📝 निष्कर्ष: हाई प्रोफाइल ठगी का बड़ा खुलासा

तृषा खान की गिरफ्तारी के बाद यह साफ हो गया है कि हनी ट्रैप गैंग अब संगठित और तकनीकी तौर पर मजबूत हो चुके हैं। यह केस सिर्फ एक महिला की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि एक पूरे नेटवर्क के पर्दाफाश की ओर इशारा करता है।

पुलिस अब साइबर सेल और क्राइम ब्रांच की मदद से उन सभी पीड़ितों की पहचान करने में जुटी है जो किसी कारणवश सामने नहीं आ सके। साथ ही, आम लोगों को सतर्क रहने और ऐसे फ्रॉड से बचने की सलाह दी गई है।

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