🔥 अलीगढ़ में अभिषेक गुप्ता हत्याकांड का चौंकाने वाला मोड़
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में हुए अभिषेक गुप्ता हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है. इस मामले में आरोपी महामंडलेश्वर पूजा शकुन पांडे का नाम सामने आया है, जिन्हें अब निरंजनी अखाड़े से निष्कासित कर दिया गया है.
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने रविवार को घोषणा की कि पूजा शकुन पांडे को महामंडलेश्वर और अखाड़े की सदस्यता दोनों से हटा दिया गया है, क्योंकि उनका कृत्य “धर्म और मर्यादा के विपरीत” है.
⚖️ पति अशोक पांडे गिरफ्तार, मुख्य आरोपी पूजा शकुन फरार
पुलिस ने अब तक दो आरोपियों — अशोक पांडे (पूजा शकुन का पति) और एक शूटर — को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, पूजा शकुन पांडे और दूसरा शूटर अभी फरार हैं.
अलीगढ़ पुलिस ने पूजा शकुन और फरार शूटर पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है.
अलीगढ़ के एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने बताया कि
“पूजा शकुन पांडे और मृतक अभिषेक गुप्ता के बीच निजी संबंध थे. ब्लैकमेलिंग और विवाद के बाद हत्या की साजिश रची गई थी. एक सुपारी किलर को गिरफ्तार किया गया है, बाकी आरोपियों को भी जल्द पकड़ा जाएगा।”
💔 ‘बुआ के रिश्ते को कलंकित किया’ — परिवार का आरोप
मृतक अभिषेक गुप्ता (हाथरस निवासी) अलीगढ़ में बाइक एजेंसी चलाते थे. परिजनों के अनुसार, महामंडलेश्वर पूजा शकुन पांडे, जो रिश्ते में उनकी बुआ लगती थीं, ने झूठे प्यार और ब्लैकमेलिंग के जरिए अभिषेक को अपने जाल में फंसा लिया.
पूजा शकुन पहले से शादीशुदा थीं और उनके दो बच्चे भी हैं. आरोप है कि उन्होंने अभिषेक पर शादी करने और बिजनेस पार्टनरशिप देने का दबाव बनाया. जब अभिषेक ने दूरी बनानी शुरू की, तो पूजा शकुन ने उसके आपत्तिजनक फोटो और वीडियो से ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी.
परिजनों का कहना है कि अभिषेक जब उससे पूरी तरह अलग हो गया और बात करना बंद कर दिया, तब पूजा ने धमकी दी —
“अगर तू मेरा नहीं हुआ तो मैं तुझे किसी और का भी नहीं होने दूंगी।”
💰 तीन लाख की सुपारी में रची गई हत्या की साजिश
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि पूजा शकुन और उसके पति अशोक पांडे ने तीन लाख रुपये की सुपारी देकर शूटरों से हत्या करवाई.
26 सितंबर को अलीगढ़ बस अड्डे के पास अभिषेक गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जब वह अपने पिता और भाई के साथ घर लौटने की तैयारी में थे.
हत्याकांड के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अशोक पांडे और एक शूटर को गिरफ्तार किया, जबकि पूजा शकुन और दूसरा शूटर अब भी फरार हैं.
🕉️ अखाड़ा परिषद ने की सख्त कार्रवाई
निरंजनी अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने कहा,
“पूजा शकुन को उनकी धार्मिक रुचि और योग्यता के आधार पर महामंडलेश्वर बनाया गया था, लेकिन हत्या जैसे जघन्य अपराध में नाम आने के बाद यह पद अब उनके योग्य नहीं रहा. यह कृत्य अखाड़ा परंपरा के विपरीत है, इसलिए उन्हें तुरंत निष्कासित किया जा रहा है।”
पूजा शकुन पांडे अखिल भारतीय हिंदू महासभा की प्रवक्ता भी रह चुकी हैं और कई बार अपने विवादित बयानों के कारण चर्चा में रही हैं.
🚨 जांच और गिरफ्तारी के लिए गठित हुईं टीमें
अलीगढ़ पुलिस ने फरार पूजा शकुन और शूटर की गिरफ्तारी के लिए चार विशेष टीमें गठित की हैं.
एसएसपी ने बताया कि तकनीकी सर्विलांस और मोबाइल लोकेशन ट्रेसिंग के माध्यम से पुलिस लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर रख रही है.
😡 परिवार ने की फांसी की मांग
अभिषेक के परिजन न्याय की गुहार लगाते हुए सभी आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे हैं. परिवार का कहना है कि “पूजा शकुन ने रिश्ते की मर्यादा तोड़ी, झूठे प्यार में फंसाकर हमारे बेटे को मौत के घाट उतार दिया.”
📜 निष्कर्ष
अलीगढ़ का यह हत्याकांड न सिर्फ पुलिस और समाज, बल्कि धार्मिक संस्थाओं की साख के लिए भी बड़ा झटका है. एक महामंडलेश्वर द्वारा प्रेम, ब्लैकमेलिंग और सुपारी हत्या में शामिल होना धार्मिक मूल्यों और आस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है.
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती फरार पूजा शकुन पांडे और शूटर की गिरफ्तारी है. जनता और परिजनों को उम्मीद है कि प्रशासन दोषियों को जल्द पकड़कर सख्त सजा दिलाएगा.

