उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर से पुलिस की शर्मनाक करतूत सामने आई है। छेड़खानी की शिकायत पर न्याय दिलाने के बजाय जाजमऊ थाने के दारोगा अभिषेक कुमार शुक्ला ने खुद आरोपी को लेकर छात्रा के घर पहुंचकर समझौते का दबाव बनाया।
दारोगा ने कहा — “कम्प्रोमाइज कर लो, नहीं तो बदनामी हो जाएगी।”
इतना ही नहीं, आरोपी मौके पर अंगौछा डाले हंसता रहा, जबकि दारोगा पान मसाला खाते हुए कमरे में टहलते रहे।
छेड़खानी की शिकार छात्रा बोली — “न्याय की उम्मीद में गई थी, अपमान लेकर लौटी”
पीड़िता, जो बीए की छात्रा है, ने बताया कि आरोपी देवेंद्र प्रजापति, इलाके का बदमाश किस्म का व्यक्ति है। उस पर पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
छात्रा के मुताबिक, देवेंद्र ने उसे कई बार रास्ते में परेशान किया और एक दिन जबरदस्ती कार में खींचकर दुष्कर्म की कोशिश की। डर के कारण उसने कोचिंग जाना बंद कर दिया।
काफी हिम्मत जुटाने के बाद छात्रा ने पुलिस कंट्रोल रूम 1075 पर शिकायत की। उसे उम्मीद थी कि पुलिस कार्रवाई करेगी, लेकिन हुआ इसके उलट।
दारोगा ने आरोपी को ही घर बुलाया, कहा – “कम्प्रोमाइज कर लो”
शिकायत के बाद जांच का जिम्मा जाजमऊ थाने के दारोगा अभिषेक कुमार शुक्ला को सौंपा गया। लेकिन आरोपी को गिरफ्तार करने की बजाय दारोगा ने देवेंद्र प्रजापति को लड़की के घर पहुंचा दिया।
पीड़िता के मुताबिक, दारोगा ने घर में बैठकर कहा —
“अब मामला मत बढ़ाओ, कम्प्रोमाइज कर लो। वरना समाज में बदनामी हो जाएगी।”
इस दौरान आरोपी देवेंद्र कंधे पर अंगौछा डाले हंसता रहा और लड़की से बोला, “क्या करेगी, मुझे जेल भिजवाएगी?”
दारोगा इस पूरे समय पान मसाला खाते हुए कमरे में टहलते रहे, मानो किसी गंभीर अपराध की जांच नहीं, बल्कि कोई सौदेबाज़ी चल रही हो।
वीडियो बनाकर छात्रा ने की शिकायत, हुआ बड़ा खुलासा
अपमानित छात्रा ने पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया और उसे कैंट क्षेत्र की एसीपी आकांक्षा पांडे को भेज दिया।
वीडियो देखने के बाद एसीपी आकांक्षा पांडे ने तुरंत मामले की गंभीरता को समझा और आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया।
उन्होंने कहा,
“लड़की के साथ अन्याय हुआ है। आरोपी देवेंद्र प्रजापति के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं, दारोगा अभिषेक शुक्ला के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है।”
देवेंद्र प्रजापति पर दर्ज हैं कई केस
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, देवेंद्र प्रजापति पर पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं — जिनमें छेड़खानी, धमकी और मारपीट जैसे मामले शामिल हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वह इलाके में लंबे समय से गुंडागर्दी करता है और कई बार शिकायतें भी दर्ज कराई गईं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एसीपी आकांक्षा पांडे ने लिया संज्ञान, जांच शुरू
एसीपी आकांक्षा पांडे ने दारोगा और आरोपी दोनों पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि “कानून सबके लिए समान है। यदि कोई पुलिसकर्मी महिला सुरक्षा को लेकर लापरवाही करता है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।”
पुलिस विभाग ने दारोगा अभिषेक शुक्ला को जांच के दायरे में लिया है और लाइन हाजिर (सस्पेंड) किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
जनता और सोशल मीडिया में आक्रोश
यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। लोगों ने यूपी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो आम नागरिक कहां जाएं?
महिला संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि पीड़िता को सुरक्षा और न्याय मिलना चाहिए तथा ऐसे भ्रष्ट पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
निष्कर्ष
कानपुर का यह मामला सिर्फ एक छात्रा के अपमान की कहानी नहीं है, बल्कि यह सवाल उठाता है कि महिलाएं पुलिस पर भरोसा कैसे करें, जब शिकायत पर ही उन्हें समझौते की सलाह दी जाए।
एसीपी की त्वरित कार्रवाई से उम्मीद जगी है कि दोषियों को सजा मिलेगी और इस मामले से पुलिस विभाग को भी एक सख्त सबक मिलेगा।

