आगरा (उत्तर प्रदेश): आगरा पुलिस की कार्रवाई में एक बड़े धर्मांतरण नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें देहरादून की सृष्टि उर्फ मरियम की गवाही अहम साक्ष्य बनकर सामने आई है। सृष्टि ने बताया कि कैसे छांगुर बाबा, आयशा, अब्दुल रहमान और नीतू जैसे आरोपी हिंदू लड़कियों को फंसाकर जबरन धर्म परिवर्तन करवाते थे और उन्हें तीसरी या चौथी पत्नी बनाने का लालच देकर विदेशी फंडिंग का खेल खेलते थे।
फेसबुक से शुरू हुआ जाल, नाम बदलकर ‘मरियम’ बनाई गई
सृष्टि ने बताया कि यह सब 2020 में शुरू हुआ, जब तालिब नाम के युवक ने फेसबुक के जरिए उससे संपर्क किया। उसने इस्लाम के बारे में बातें कीं और धीरे-धीरे उसे शादी और धर्मांतरण के लिए दबाव डालने लगा। सृष्टि कहती हैं, “मुझे आयशा, सुमैया, सफीया और अब्दुल रहमान से मिलवाया गया। आयशा ने मेरी आर्थिक स्थिति का फायदा उठाया और कहा कि अगर मुझे सुरक्षा और बेहतर जीवन चाहिए, तो इस्लाम कबूल करना होगा और किसी की दूसरी, तीसरी या चौथी बीवी बनना होगा। तभी मेरे ऊपर ‘इन्वेस्ट’ किया जाएगा।”
फोन तोड़वाना और स्लीपर सेल की साजिश
सृष्टि ने खुलासा किया कि गैंग के सदस्य लड़कियों से फोन और सिम कार्ड तोड़वाते थे, सेकेंड-हैंड कीपैड फोन और नकली सिम दिलवाते थे, ताकि कोई ट्रैक न कर सके।
सृष्टि बताती हैं, “आयशा ने मुझे सिखाया कि फोन को पानी में डुबोकर कैसे नष्ट करना है। यह सब करने के बाद भी जब मैंने घर से भागने से इनकार किया, तो उन्होंने मेरी मदद रोक दी।”
“बीवी बनने का सौदा और विदेशी फंडिंग”
सृष्टि के अनुसार, यह नेटवर्क केवल धर्मांतरण तक सीमित नहीं था। पीड़िताओं को इस्लाम कबूल करवाने के बाद तीसरी या चौथी पत्नी बनाकर विदेश भेजा जाता था। वहां उनकी कहानियों का उपयोग विदेशी फंडिंग जुटाने के लिए किया जाता था।
सृष्टि ने कहा, “मुझसे कलमा पढ़वाया गया, इस्लामिक नाम चुनने को कहा गया और वॉयस नोट रिकॉर्ड करवाकर विदेश भेजा गया, ताकि दिखाया जा सके कि मैं मरियम बन चुकी हूं।”
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सात राज्यों तक फैला नेटवर्क और पुलिस की बड़ी कार्रवाई
आगरा पुलिस ने जांच के दौरान महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, झारखंड, दिल्ली और उत्तर प्रदेश (बरेली, अलीगढ़, रायबरेली, गाजियाबाद) की दर्जनों लड़कियों का पता लगाया और उनकी काउंसलिंग कराई।
पुलिस ने दिल्ली में अब्दुल रहमान की “धर्मांतरण फैक्ट्री” को बंद कराया और गैंग के मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया। गोवा से पकड़ी गई आयशा के मोबाइल से जिहाद फैलाने वाले कई वीडियो और सबूत बरामद हुए हैं।
सृष्टि की गवाही क्यों महत्वपूर्ण है?
सृष्टि की गवाही से न केवल छांगुर बाबा और अब्दुल रहमान जैसे आरोपियों के नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, बल्कि उन ‘स्लीपर सेल्स’ का भी खुलासा हुआ है, जो देशभर में हिंदू लड़कियों को फंसाकर धर्मांतरण और अवैध गतिविधियों में धकेलते थे।
पुलिस का कहना है कि इस गवाही के आधार पर कई लापता लड़कियों को खोजने में मदद मिलेगी और इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की दिशा में कार्रवाई होगी।

