मिर्जापुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, हिंदू संगठनों में था आक्रोश
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में पुलिस ने बिरहा गायिका सरोज सरगम और उनके पति राममिलन बिंद को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पर मां दुर्गा के खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। इस मामले ने सोशल मीडिया से लेकर हिंदू संगठनों तक आक्रोश की लहर पैदा कर दी थी।
आपत्तिजनक वीडियो से भड़का विवाद
जानकारी के मुताबिक, 19 सितंबर 2025 को सरोज सरगम ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो अपलोड किया था, जिसमें उन्होंने मां दुर्गा को लेकर अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ और लोगों में गुस्सा फैल गया। हिंदू संगठनों ने इसे धार्मिक आस्था पर हमला बताया और सख्त कार्रवाई की मांग शुरू कर दी।
पति भी शामिल, करता था वीडियो का निर्देशन
पुलिस जांच में सामने आया है कि सरोज सरगम का पति राममिलन बिंद भी इस आपत्तिजनक कंटेंट के निर्माण में शामिल था। आरोप है कि वह वीडियो का निर्देशन और तकनीकी सहयोग करता था। इसके चलते पुलिस ने उसे भी सह-आरोपी मानते हुए गिरफ्तार कर लिया।
हिंदू संगठनों का विरोध और दबाव
वीडियो सामने आने के बाद विश्व हिंदू परिषद (VHP) और अन्य हिंदू संगठनों ने सरोज सरगम की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। विरोध इतना बढ़ा कि पुलिस मुख्यालय तक प्रदर्शन हुए। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर भी #ArrestSarojSargam अभियान चलाया गया।
पुलिस की कार्रवाई और बयान
मामले में पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा ने बताया,
“मड़िहान थाने में सरोज सरगम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सर्विलांस और साइबर टीमों को लगाया गया। जांच के बाद सरोज और उसके पति को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा जाएगा।”
अवैध जमीन कब्जे पर भी कार्रवाई
इस विवाद के बीच वन विभाग और राजस्व विभाग ने भी सरोज सरगम की अवैध संपत्ति की जांच शुरू की। टीम ने पटेहरा ब्लॉक के गढ़वा क्षेत्र में उनके कब्जे में ली गई करीब 15 बीघा जमीन को मुक्त कराया। जांच के दौरान सरोज पक्ष कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया, जिसके बाद प्रशासन ने कब्जा हटवा दिया।
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया
इस घटना ने सोशल मीडिया पर खूब हलचल मचाई। कई उपयोगकर्ताओं ने सरोज सरगम को धार्मिक भावनाएं भड़काने का दोषी ठहराया और उसके यूट्यूब चैनल को तुरंत बंद करने की मांग की। वहीं, कुछ लोगों ने इसे आस्था के खिलाफ गंभीर अपराध बताते हुए कठोरतम सजा देने की मांग की।
निष्कर्ष
मिर्जापुर की यह घटना केवल धार्मिक भावनाओं के अपमान तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें सोशल मीडिया की शक्ति और सामूहिक आक्रोश का असर भी देखने को मिला। फिलहाल, सरोज सरगम और उसके पति पुलिस की गिरफ्त में हैं और अदालत में पेश किए जाएंगे। आगे देखना होगा कि न्यायालय इस मामले में क्या फैसला सुनाता है।

