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मिर्जापुर: राजवीर सिंह यादव के कहने पर सरोज सरगम ने बनाए मां दुर्गा पर आपत्तिजनक वीडियो, पुलिस की जांच में बड़ा खुलासा

राजवीर सिंह यादव के कहने पर सरोज सरगम ने बनाए मां दुर्गा पर आपत्तिजनक वीडियो

मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक गाना गाकर सुर्खियों में आईं बिरहा गायिका सरोज सरगम और उसके पति राममिलन बिंद को लेकर नया खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि सरोज ने पिछले दो-तीन साल से ‘पीडीए’ नामक संगठन के लिए गाने गाना शुरू किया था। यह काम उसने राजवीर सिंह यादव के कहने पर किया, जिसने उसे बहकाया और वीडियो बनाने के लिए पैसे भी दिए।


कैसे शुरू हुआ विवाद?

21 सितंबर 2025 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें सरोज सरगम ने मां दुर्गा समेत अन्य हिंदू देवी-देवताओं और प्रतीकों पर अभद्र टिप्पणी की थी। इस वीडियो के सामने आते ही लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और मामला तूल पकड़ने लगा। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सरोज सरगम, उसके पति और बिरहा मंडली से जुड़े करीब आधा दर्जन लोगों को गिरफ्तार कर लिया।


राजवीर सिंह यादव का नाम क्यों आया?

पुलिस पूछताछ में सरोज और उसके पति ने खुलासा किया कि वीडियो बनाने के पीछे राजवीर सिंह यादव का हाथ था। उसने सरोज को भरोसा दिलाया कि उसकी किताब ‘बहुजन नायक महिषासुर’ को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से मान्यता मिल चुकी है, इसलिए इस कंटेंट पर वीडियो बनाने में कोई दिक्कत नहीं होगी। इसी भरोसे में सरोज ने गाना रिकॉर्ड किया और यूट्यूब पर अपलोड कर दिया।

अब पुलिस इस पूरे षड्यंत्र के मास्टरमाइंड राजवीर सिंह यादव की तलाश कर रही है।


पुलिस की कार्रवाई और एफआईआर

इस मामले में पुलिस ने 23 मार्च 2025 को कोतवाली शहर, मिर्जापुर में केस दर्ज किया था। जिला साइबर सेल की मदद से आपत्तिजनक कंटेंट यूट्यूब से हटवा दिया गया है।

आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा:

के तहत एफआईआर दर्ज की गई। फिलहाल, सरोज और उसके पति को जेल भेजा गया है और आगे की जांच जारी है।


पहले भी दर्ज हुए थे केस

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, सरोज सरगम और उसके पति के खिलाफ पहले भी ऐसे ही भड़काऊ कंटेंट और धार्मिक भावनाओं को आहत करने के मामले दर्ज हो चुके हैं। साइबर सेल की जांच में यह भी सामने आया कि वे बार-बार सोशल मीडिया पर विवादित वीडियो अपलोड कर रहे थे।


धर्म परिवर्तन की कड़ी

पुलिस ने बताया कि लगभग 10 महीने पहले सरोज सरगम और उसके पति ने हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपना लिया था। सरोज मिर्जापुर की रहने वाली है, जबकि उसका पति राममिलन प्रयागराज का निवासी है। वह वीडियो रिकॉर्डिंग और पब्लिशिंग का काम करता था, जबकि मंडली के अन्य सदस्य ढोल, हारमोनियम बजाते और कोरस में गाते थे।


बड़ा षड्यंत्र या व्यक्तिगत लाभ?

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह मामला महज एक वीडियो का नहीं है बल्कि इसके पीछे एक बड़े षड्यंत्र की आशंका जताई जा रही है। जांच एजेंसियों को शक है कि सरोज और उसकी मंडली को भड़काऊ वीडियो बनाने के लिए न केवल उकसाया गया बल्कि आर्थिक मदद भी दी गई।


निष्कर्ष

मिर्जापुर का यह विवाद अब सिर्फ एक गायिका तक सीमित नहीं रहा। इसमें राजवीर सिंह यादव के शामिल होने से यह साफ हो गया है कि किसी सोचे-समझे एजेंडे के तहत हिंदू देवी-देवताओं को निशाना बनाया गया। फिलहाल पुलिस मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है और जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, नए खुलासे होने की संभावना है।

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