ऑपरेशन महादेव: पाकिस्तान का बेतुका दावा और भारतीय सेना की सख्त कार्रवाई

एनआईए ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया, मारे गए आतंकियों की पहचान के लिए चल रही जांच

नई दिल्ली, 29 जुलाई 2025: भारतीय सेना द्वारा शुरू किया गया ऑपरेशन महादेव अब पाकिस्तान के लिए एक नया विवाद बन गया है। पाकिस्तान ने इस ऑपरेशन को लेकर बेहद हास्यास्पद और बिना किसी ठोस आधार के बयान दिए हैं। इसके अंतर्गत मारे गए आतंकवादियों को पाकिस्तान अपनी नागरिकता का दावा कर ‘मासूम’ बताने की कोशिश कर रहा है। इस बीच, भारतीय सेना ने अपने जवाबी कार्रवाई में 22 अप्रैल के पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड और अन्य आतंकवादियों को मार गिराया है।

ऑपरेशन महादेव में पाकिस्तानियों की भागीदारी
पाकिस्तान ने ऑपरेशन महादेव के तहत मारे गए आतंकवादियों के बारे में दावा किया है कि वे पाकिस्तानी नागरिक थे और उनका उपयोग भारत ने ‘स्टेज्ड एनकाउंटर’ के लिए किया। पाकिस्तान के सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भारत ने इन ‘निर्दोष’ पाकिस्तानियों को भारतीय सीमा पर घुसपैठ करने के बाद पकड़ा और अब उनका इस्तेमाल आतंकवादी साबित करने के लिए किया जा रहा है।

पाकिस्तानी अखबार डॉन ने अपने एक रिपोर्ट में यह आरोप लगाया है कि भारत ने ऑपरेशन महादेव के दौरान इन लोगों का इस्तेमाल फेक एनकाउंटर के लिए किया है। पाकिस्तान के अनुसार, ये लोग भारतीय जेलों में बंद थे और अब इनसे झूठे बयान दिलवाए जा रहे हैं।

भारतीय सेना का जवाब
भारतीय सेना ने इस आरोप को सिरे से खारिज किया है। सेना के अधिकारियों ने बताया कि मारे गए आतंकवादी – सुलेमान शाह, जिब्रान और हमजा अफगानी – पर कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में लिप्त होने का पूरा सबूत था। 22 अप्रैल को बैसरन घाटी में 26 सैलानियों की हत्या करने वाले आतंकियों के मास्टरमाइंड सुलेमान शाह को ऑपरेशन महादेव के तहत मार गिराया गया।

सुलेमान शाह लश्कर-ए-तैयबा का आतंकवादी था और पाकिस्तानी सेना की विशेष सेवा समूह का पूर्व कमांडो भी था। वह सितंबर 2023 में भारत में घुसपैठ कर कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। सेना ने मुठभेड़ स्थल से एम4 कार्बाइन राइफल, एके-47 राइफल और अन्य हथियार भी बरामद किए हैं।

पाकिस्तान का बचकाना तर्क
पाकिस्तान के मीडिया ने भारतीय सेना के इस ऑपरेशन पर कुछ बहुत ही बचकाने और तर्कहीन बयान दिए हैं। पाकिस्तान के एक प्रमुख चैनल जियो न्यूज ने भारतीय एजेंसियों पर आरोप लगाया कि उन्होंने आतंकवादियों की तस्वीरें और हथियार पहले ही जारी कर दिए थे, ताकि उनकी मुठभेड़ को सही ठहराया जा सके। हालांकि, पाकिस्तान ने यह नहीं बताया कि ये आतंकवादी भारत की सीमा में क्यों घुसे थे और वहां क्या कर रहे थे।

पाकिस्तानी मीडिया ने यह भी कहा कि भारत ने 56 पाकिस्तानियों को हिरासत में लिया है और उन्हें एनकाउंटर के लिए इस्तेमाल कर रहा है। इसके बावजूद, पाकिस्तान ने यह नहीं बताया कि ये लोग भारतीय सीमा में कैसे पहुंचे थे।

भारत की कड़ी कार्रवाई
ऑपरेशन महादेव के तहत भारतीय सेना ने तीन आतंकवादियों को मारा है, जिनमें सुलेमान शाह, जिब्रान और हमजा अफगानी शामिल हैं। इन आतंकवादियों का संबंध 22 अप्रैल के पहलगाम हमले से था, जिसमें 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। भारतीय सेना ने इन आतंकवादियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है और इसे एक बड़ी सफलता के रूप में पेश किया है।

निष्कर्ष
ऑपरेशन महादेव में पाकिस्तान का बेतुका दावा साफ तौर पर दिखाता है कि पाकिस्तान अपनी जमीनी स्थिति और तथ्यों से मुंह मोड़ रहा है। भारत ने अपने कड़े सैन्य उपायों से यह सिद्ध किया है कि कश्मीर में आतंकवाद का सफाया करने के लिए वह किसी भी हद तक जा सकता है। पाकिस्तान को अब यह समझना चाहिए कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और इसके खिलाफ किसी भी प्रकार की सफेद झूठ का कोई स्थान नहीं है।

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