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ऑपरेशन सवेरा की बड़ी कामयाबी: मुजफ्फरनगर में 10 करोड़ की स्मैक बरामद, 4 तस्कर गिरफ्तार |

मुजफ्फरनगर में 10 करोड़ की स्मैक बरामद

मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। सहारनपुर मंडल में चल रहे ‘ऑपरेशन सवेरा’ के तहत मुजफ्फरनगर पुलिस ने 10 करोड़ रुपये की स्मैक बरामद कर चार तस्करों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों का नेटवर्क दिल्ली, हरियाणा, मुंबई और यूपी के कई जिलों तक फैला हुआ था।


संदिग्ध कार से मिली करोड़ों की स्मैक

मंगलवार को बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र में वाहन चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने एक i20 कार को रुकने का इशारा किया। कार सवार बदमाश पुलिस को चकमा देकर भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी करके चारों को दबोच लिया।

पकड़े गए आरोपियों की पहचान अब्दुल कादिर, अबरार उर्फ सोनू, बाबर और रिहान के रूप में हुई है। तलाशी में कार से 1 किलो 15 ग्राम स्मैक बरामद की गई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये आंकी गई है।


बरेली से खरीदकर दिल्ली-हरियाणा तक सप्लाई

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी बरेली से स्मैक खरीदकर लाते थे और फिर इसे दिल्ली, हरियाणा, मुंबई और यूपी के अलग-अलग जिलों में बेचते थे। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह एक बड़े ड्रग नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई नशे के व्यापार पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है।


10 दिनों में 16 करोड़ का नशा जब्त

गौरतलब है कि ‘ऑपरेशन सवेरा’ के तहत पिछले 10 दिनों में मुजफ्फरनगर पुलिस ने करीब 16 करोड़ रुपये की स्मैक, चरस और गांजा बरामद की है। इस दौरान कई तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

पुलिस का कहना है कि नशे का यह कारोबार युवाओं को बर्बादी की ओर धकेल रहा है और ऐसे नेटवर्क का जड़ से खात्मा करना उनकी प्राथमिकता है।


एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज

गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है।


पुलिस की अपील

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि नशे के खिलाफ लड़ाई में सहयोग करें। अगर कहीं संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत सूचना दें ताकि तस्करों पर कार्रवाई की जा सके।


निष्कर्ष

मुजफ्फरनगर पुलिस की यह कार्रवाई नशे के कारोबारियों के खिलाफ एक बड़ा झटका है। ऑपरेशन सवेरा ने न सिर्फ तस्करों का नेटवर्क तोड़ने में अहम भूमिका निभाई है बल्कि युवाओं को नशे के दलदल से बचाने की दिशा में भी मजबूत कदम साबित हो रहा है।

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