पुलिस मुठभेड़ में घायल होकर पकड़े गए आरोपी
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में पुलिस ने छात्राओं से छेड़खानी और लव जिहाद फैलाने वाले दो शातिर बदमाशों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। असलम और जुल्फ़िकार नाम के इन दोनों आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस की गोली लगने के बाद दोनों बदमाश व्हीलचेयर और प्लास्टर में सिमट गए और हाथ जोड़कर रहम की भीख मांगते नजर आए।
तड़के सुबह हुई मुठभेड़
कुशीनगर पुलिस अधीक्षक संतोष मिश्रा ने बताया कि सोमवार तड़के पुलिस को सूचना मिली थी कि दोनों आरोपी रामकोला थाना क्षेत्र में सक्रिय हैं। इस पर चार टीमें बनाई गईं और घेराबंदी की गई। सुबह लगभग 4 बजे कुशुमाहा पुल के पास वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैरों में गोली लगी और वे घायल होकर पकड़े गए।
हथियार और बाइक बरामद
पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से दो देसी तमंचे, कई कारतूस, एक बिना नंबर की बाइक और 1100 रुपये नकद बरामद किए। अधिकारियों का कहना है कि इनके पीछे एक संगठित नेटवर्क सक्रिय था, जो छात्राओं को फंसाने और डराने का काम करता था।
स्कूल–कॉलेजों के बाहर फैलाया आतंक
स्थानीय लोगों के मुताबिक, असलम और जुल्फ़िकार लंबे समय से स्कूल और कॉलेजों के बाहर छात्राओं से छेड़छाड़ करते थे। कई अभिभावकों ने शिकायतें भी दर्ज कराई थीं, लेकिन दोनों हर बार बच निकलते थे। इनकी हरकतों से इलाके में खासकर छात्राओं के परिवार लगातार दहशत में रहते थे।
बदमाशों पर दर्ज केस
पुलिस ने दोनों आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है, जिनमें शामिल हैं:
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धारा 78 (पीछा करना),
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धारा 296 (सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकतें),
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धारा 351(3) (आपराधिक डराना–धमकाना)।
एसपी ने स्पष्ट किया कि इस तरह के अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और जिले में छात्राओं की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।
हाथ जोड़कर मांगी माफी
गिरफ्तारी के बाद जो तस्वीरें सामने आईं, उन्होंने सभी को चौंका दिया। कल तक दबंगई दिखाने वाले असलम और जुल्फ़िकार अब अस्पताल में पुलिस की निगरानी में व्हीलचेयर और प्लास्टर पर पड़े हैं। दोनों हाथ जोड़कर पुलिस और जनता से बार-बार कह रहे थे – “साहब, माफ कर दीजिए, अब गलती नहीं होगी।”
गांव में राहत की सांस
इनकी गिरफ्तारी से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। मोरावां बरका टोला गांव सहित आसपास के इलाकों के लोग अब सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। एक अभिभावक ने कहा – “अब हमारी बच्चियां बिना डर के स्कूल जा सकेंगी। पुलिस ने समय पर सही कदम उठाया है।”
आगे की तैयारी
पुलिस अधीक्षक संतोष मिश्रा ने बताया कि जिले में छात्राओं की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी रखी जाएगी। स्कूल-कॉलेजों के बाहर सादी वर्दी में महिला पुलिसकर्मी तैनात की जाएंगी ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई हो सके।

