गाजा में इजराइल का हवाई हमला: कैफे में भोजन मांग रहे लोगों पर गोलाबारी, 67 की मौत

कैफे में भोजन मांग रहे लोगों पर गोलाबारी, 67 की मौत

अचानक हुए हमले से गाजा शहर में मचा कोहराम

गाजा पट्टी में इजराइल द्वारा किए गए ताजा हवाई हमलों ने एक बार फिर मानवीय संकट को उजागर कर दिया है। सोमवार को इजराइली सेना ने गाजा के अलग-अलग इलाकों में हमले किए, जिसमें कम से कम 67 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों, स्वास्थ्य अधिकारियों और अस्पतालों से मिली जानकारी के अनुसार, सबसे बड़ा हमला गाजा शहर के एक समुद्र तट के पास स्थित कैफे पर हुआ, जहां लोग भोजन मांगने के लिए एकत्रित हुए थे।

कैफे में हमला: बिना चेतावनी, सीधे बमबारी

गाजा सिटी के अल-बका कैफे पर उस समय हमला हुआ, जब वहां बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और स्थानीय निवासी मौजूद थे। कैफे के एक प्रत्यक्षदर्शी अली अबू अतीला ने बताया कि हमले से पहले कोई चेतावनी नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा, “अचानक एक युद्धक विमान आया और जोरदार धमाका हुआ। ऐसा लगा जैसे भूकंप आ गया हो।”

यह कैफे गाजा में चल रहे संघर्ष के दौरान चालू रहने वाले कुछ गिने-चुने व्यावसायिक स्थलों में से एक था, जहां स्थानीय लोग इंटरनेट चलाने और फोन चार्ज करने के लिए आते थे।

30 लोग मौके पर ही मारे गए, कई घायल

गाजा के उत्तरी हिस्से में स्वास्थ्य मंत्रालय के आपातकालीन सेवा प्रमुख फारेस अवाद ने बताया कि अकेले इस कैफे पर हुए हमले में 30 लोगों की मौत हुई और दर्जनों घायल हुए हैं। घायलों में से कई की हालत नाजुक बताई जा रही है।

इसके अलावा, गाजा शहर की एक सड़क पर दो अन्य हमलों में भी 15 लोगों की जान चली गई। इन हमलों से पूरा इलाका दहशत में है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए भयावह दृश्य

हमले के बाद के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें जगह-जगह खून से लथपथ शव, क्षत-विक्षत शरीर और कंबलों में लपेटे घायल लोग दिखाई दे रहे हैं। लोग खुद ही एक-दूसरे की मदद करते हुए घायलों को अस्पताल पहुंचा रहे हैं, क्योंकि स्थानीय सेवाएं भी लगातार हमलों की वजह से बुरी तरह प्रभावित हैं।

20 महीने से चल रहा है युद्ध, संकट गहराता जा रहा

गाजा में पिछले 20 महीनों से युद्ध की स्थिति बनी हुई है। इजराइल और हमास के बीच जारी इस संघर्ष ने हजारों निर्दोष लोगों की जान ले ली है। इस दौरान कई अस्पताल, स्कूल और रिहायशी इलाके भी निशाने पर आ चुके हैं।

गाजा के स्थानीय नागरिकों के लिए अब बुनियादी सुविधाएं जैसे खाना, पानी, बिजली और इंटरनेट भी मुश्किल हो गई हैं। अल-बका कैफे उन गिनी-चुनी जगहों में से एक था जहां लोग थोड़ी राहत महसूस करते थे, लेकिन अब वह भी ध्वस्त हो चुका है।

मानवाधिकार संगठनों की अपील

इस हमले के बाद मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सभी पक्षों से अपील की है कि नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए और जल्द से जल्द संघर्षविराम सुनिश्चित किया जाए।

निष्कर्ष

गाजा में इजराइली हवाई हमले ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि युद्ध का सबसे बड़ा बोझ आम नागरिकों को ही उठाना पड़ता है। बिना किसी चेतावनी के किए गए हमले, खासकर ऐसे स्थानों पर जहां महिलाएं और बच्चे मौजूद हों, अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन हैं।

मानवता की रक्षा के लिए अब समय आ गया है कि दुनिया एकजुट होकर शांति और समाधान की दिशा में कदम बढ़ाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाएं दोहराई न जाएं।

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