गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश): प्यार, धोखा और खौफनाक साजिश का यह मामला गाजियाबाद से सामने आया है, जहां एक गर्भवती पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी। पहले जहर देने की कोशिश असफल हुई, तो दूसरी बार गोलियों से भूनकर उसकी जान ले ली गई। इस पूरे मर्डर केस का खुलासा पुलिस ने 48 घंटे के भीतर कर दिया है।
दोस्ती से शुरू हुई कहानी, कत्ल पर खत्म हुई
थाना मसूरी इलाके के रहने वाले आसिफ उर्फ गुल्लू का जीवन सामान्य था। मेहनतकश और खुशमिजाज आसिफ को यह नहीं पता था कि उसका दोस्त रिहान ही उसकी मौत का सौदागर बनेगा।
रिहान डासना के पास चिकन की दुकान चलाता था और आसिफ का करीबी दोस्त था। दोनों के बीच इतनी गहरी दोस्ती थी कि आसिफ का घर रिहान के लिए दूसरा घर बन चुका था।
मगर मार्च 2024 में आसिफ किसी विवाद में जेल चला गया। इसी दौरान उसकी पत्नी अरसी उर्फ प्राची और रिहान के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। जब अप्रैल 2025 में आसिफ जमानत पर घर लौटा, तो उसे पत्नी के बदले व्यवहार पर शक हुआ। उसने मोबाइल अपने पास रख लिया — और यही गलती उसकी मौत की वजह बन गई।
प्लान A: जहर से मारने की कोशिश
अरसी ने प्रेमी रिहान से कहा कि अब वे साथ रहना चाहते हैं, लेकिन बीच में आसिफ दीवार बन रहा है।
इस पर रिहान ने अरसी को नशीली दवाइयां दीं, ताकि वह आसिफ को धीरे-धीरे मार सके और किसी को शक भी न हो।
लेकिन योजना असफल रही — आसिफ बच गया।
अब दोनों ने तय किया कि अगली बार कोई गलती नहीं होगी।
प्लान B: गोलियों से कत्ल की साजिश
7 अक्टूबर 2025 की रात, रफीकाबाद फाटक के पास आसिफ की स्कूटी जैसे ही पहुंची, घात लगाए बैठे छह बदमाशों ने गोलियां चला दीं।
तीन गोलियां चलीं — एक सीधे आसिफ के सीने में लगी, और वह मौके पर ही गिर पड़ा।
हमलावरों में रिहान के साथ बिलाल, जीशान, उवैश, गुलफाम और दानिश शामिल थे।
पुलिस को मृतक के भाई भूरे उर्फ अनवर ने सूचना दी और रिहान समेत अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया।
पुलिस जांच में खुला हत्याकांड का राज
मसूरी पुलिस ने 48 घंटे में पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन और चैटिंग रिकॉर्ड ने खुलासा किया कि हत्या की मुख्य साजिशकर्ता खुद आसिफ की पत्नी अरसी उर्फ प्राची थी।
उसने ही अपने प्रेमी रिहान और उसके साथियों को हत्या की योजना बताई थी।
गिरफ्तारी और बरामदगी
9 अक्टूबर को पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया —
रिहान पुत्र इलियास, बिलाल पुत्र कय्यूम, जीशान पुत्र असलम, उवैश पुत्र असरफ और अरसी उर्फ प्राची।
गिरफ्तारी के समय अरसी दो महीने की गर्भवती थी।
पुलिस ने इनके पास से तीन तमंचे, तीन जिंदा कारतूस और मोबाइल बरामद किए।
फॉरेंसिक जांच में तमंचों पर खून और बारूद के निशान मिले हैं।
इसके अलावा अरसी और रिहान के बीच की कॉल रिकॉर्डिंग और चैटिंग ने हत्या की साजिश को पुख्ता कर दिया।
फरार आरोपी और पुराने अपराध
पुलिस के अनुसार, दो आरोपी गुलफाम और दानिश अभी फरार हैं।
मुख्य आरोपी रिहान के खिलाफ पहले से ही चार आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या और हत्या के प्रयास के केस शामिल हैं।
उवैश पर भी हत्या के प्रयास का केस पहले से चल रहा है।
पुलिस अब सभी आरोपियों की अपराधिक पृष्ठभूमि की जांच कर रही है।
पुलिस का बयान
एसपी ग्रामीण गाजियाबाद ने बताया,
“मामले में शामिल पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
मुख्य साजिशकर्ता मृतक की पत्नी अरसी उर्फ प्राची है, जिसने प्रेमी रिहान के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी।
फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।”
मोहब्बत के नाम पर मौत
गाजियाबाद का यह मामला प्यार की आड़ में छिपे धोखे की दर्दनाक मिसाल बन गया है।
जहां पत्नी और प्रेमी ने मिलकर एक मासूम पति की जान ले ली।
अब दोनों प्रेमी जेल की सलाखों के पीछे हैं, और एक अजन्मे बच्चे का भविष्य अनिश्चित।
मुख्य तथ्य एक नजर में
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घटना: 7 अक्टूबर 2025, मसूरी थाना क्षेत्र, गाजियाबाद
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मृतक: आसिफ उर्फ गुल्लू
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आरोपी: पत्नी अरसी उर्फ प्राची, प्रेमी रिहान व चार साथी
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प्लान A: जहर देकर हत्या की कोशिश (नाकाम)
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प्लान B: गोली मारकर हत्या (सफल)
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गिरफ्तार आरोपी: 5
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फरार आरोपी: 2
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बरामदगी: 3 तमंचे, 3 कारतूस, मोबाइल और चैटिंग साक्ष्य
निष्कर्ष
यह मामला दिखाता है कि जब प्यार पागलपन में बदल जाए, तो इंसान इंसानियत भूल जाता है।
एक पत्नी जिसने साथ निभाने की कसम खाई थी, वही अपने पति की मौत की वजह बनी।
अब पुलिस इस पूरे हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी में है।

