दिल्ली के द्वारका में एक चौंका देने वाला मर्डर केस सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने प्रेमी देवर के साथ मिलकर अपने पति की हत्या कर दी। हत्या की साजिश और उसका पूरा प्लान मोबाइल चैट्स के जरिए उजागर हुआ, जिसके आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
घटना द्वारका जिले के उत्तम नगर थाना क्षेत्र स्थित ओम विहार फेस-1 की है। यहां रहने वाले 35 वर्षीय करण देव की 14 जुलाई की सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। करण अपनी पत्नी सुष्मिता देव और 6 वर्षीय बेटे के साथ यहां रह रहा था।
उस दिन सुबह सुष्मिता ने करण के माता-पिता को फोन कर बताया कि करण को करंट लग गया है और वह बेहोश हो गया है। परिजन उसे तुरंत मग्गो अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
शक की शुरुआत और मोबाइल चैट्स का खुलासा
करण की अचानक मौत पर परिवार को शुरुआत में शक नहीं हुआ, लेकिन जब पोस्टमार्टम को लेकर सुष्मिता, उसका चचेरा देवर राहुल देव और राहुल के पिता बार-बार आनाकानी करने लगे, तो परिजनों को शक हुआ।
इस बीच, करण के छोटे भाई कुनाल को राहुल ने किसी काम से अपना मोबाइल दिया। इसी दौरान कुनाल ने फोन में राहुल और सुष्मिता के इंस्टाग्राम चैट्स पढ़ लिए, जिसमें हत्या की पूरी प्लानिंग दर्ज थी।
मोबाइल चैट्स ने खोली साजिश की परतें
मोबाइल चैट्स में यह साफ तौर पर लिखा था कि अगर ज़्यादा दवा से असर नहीं हो रहा तो इलेक्ट्रिक शॉक दे दो। एक चैट में सुष्मिता ने लिखा था:
“तीन घंटे हो गए, मरा भी नहीं है… कुछ समझ नहीं आ रहा।”
जिस पर राहुल ने जवाब दिया:
“तो करंट दे दो। टेप से हाथ बांध दो, मैं आकर मदद करता हूं।”
इस बातचीत से साफ हो गया कि करण की मौत कोई हादसा नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश थी।
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संपत्ति और अफेयर बना हत्या की वजह
परिवार के अनुसार, सुष्मिता और राहुल के बीच करीब दो साल से अवैध संबंध चल रहे थे। दोनों ने मिलकर करण को रास्ते से हटाने की योजना बनाई, ताकि वे साथ रह सकें और करण की संपत्ति पर अधिकार पा सकें।
हत्या से पहले, सुष्मिता ने करण को ज्यादा मात्रा में दवा दी, जिससे उसकी तबीयत बिगड़े। जब दवा से असर नहीं हुआ, तो इलेक्ट्रिक शॉक देकर उसकी हत्या कर दी गई।
गिरफ्तारी और पुलिस की कार्रवाई
मोबाइल चैट्स की जानकारी मिलते ही परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। उत्तम नगर थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सुष्मिता और राहुल देव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि हत्या की पुष्टि डिजिटल सबूतों के आधार पर हुई है।
फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस अन्य एंगल से भी जांच कर रही है, जैसे — हत्या में और कौन-कौन शामिल था, या किसने तकनीकी मदद की।
मामला बना रिश्तों के नाम पर धोखे की मिसाल
यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों के विश्वासघात की बेहद चौंकाने वाली मिसाल है। एक पत्नी ने देवर के साथ अवैध संबंध बनाए और फिर अपने पति की जान ले ली।
इस केस में डिजिटल चैट्स ने बेहद अहम भूमिका निभाई है और यह दर्शाता है कि अपराध कितना भी गुप्त क्यों न हो, सच्चाई सामने आ ही जाती है।
निष्कर्ष:
दिल्ली का यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि डिजिटल सबूत आज की जांच प्रणाली में कितने अहम हैं। पुलिस इस हत्याकांड के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े और भी चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।

