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ग्रेटर नोएडा सड़क हादसा: बुलेट और पानी के टैंकर की टक्कर में बीटेक के 3 छात्रों की मौत

बुलेट और पानी के टैंकर की टक्कर में बीटेक के 3 छात्रों की मौत

ग्रेटर नोएडा में रविवार शाम एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ। बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार तीन बीटेक छात्रों की पानी के टैंकर से टक्कर हो गई, जिसमें तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे ने छात्रों के परिवार और विश्वविद्यालय में शोक की लहर दौड़ा दी है।


कैसे हुआ हादसा

यह हादसा बीटा-2 थाना क्षेत्र के चुहड़पुर अंडरपास के पास हुआ। जानकारी के मुताबिक, गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) में बीटेक कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कर रहे तीनों छात्र रविवार शाम करीब 5 बजे बुलेट पर सवार होकर निंबस सोसायटी की ओर खाना खाने जा रहे थे।

जैसे ही वे चुहड़पुर अंडरपास के नजदीक पहुंचे, सड़क किनारे पेड़ों को पानी दे रहा पानी का टैंकर धीरे-धीरे चल रहा था। छात्रों की बुलेट उसी टैंकर से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए।


राहगीरों ने पहुंचाया अस्पताल

हादसे के तुरंत बाद राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी और घायलों को नजदीकी जिम्स अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने गाजियाबाद निवासी स्वंम सागर और गाजीपुर थाना क्षेत्र के कुश उपाध्याय को मृत घोषित कर दिया। तीसरे छात्र, बरेली की सेटेलाइट कॉलोनी निवासी समर्थ पुंडीर को गंभीर हालत में फोर्टिस अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई।


छात्रों की पहचान और पृष्ठभूमि

तीनों मृतक छात्र गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस ट्रेड में बीटेक की पढ़ाई कर रहे थे।

तीनों के परिवार को जैसे ही हादसे की खबर मिली, उनमें कोहराम मच गया।


हेलमेट नहीं पहना था

पुलिस जांच में यह सामने आया कि तीनों छात्र बुलेट पर बिना हेलमेट पहने यात्रा कर रहे थे। अगर उन्होंने सुरक्षा उपकरणों का उपयोग किया होता तो शायद जान बच सकती थी। यह हादसा फिर से इस बात की याद दिलाता है कि हेलमेट पहनना कितना जरूरी है।


पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने तीनों शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और पानी के टैंकर चालक से पूछताछ होगी। हादसे की वजह से स्थानीय लोगों में भी आक्रोश है और लोग सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं।


स्थानीय स्तर पर शोक की लहर

विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों में गहरा शोक है। तीनों छात्र पढ़ाई में अच्छे माने जाते थे और उनका यूं अचानक चले जाना सभी के लिए बेहद दुखद है।


सड़क सुरक्षा पर बड़ा सबक

यह हादसा केवल एक दर्दनाक घटना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा की अहमियत को भी उजागर करता है।


निष्कर्ष

ग्रेटर नोएडा का यह हादसा तीन परिवारों के लिए कभी न भरने वाला घाव छोड़ गया। यह घटना समाज के लिए भी चेतावनी है कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन न करना जिंदगी पर भारी पड़ सकता है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और उम्मीद है कि आगे ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

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