Site icon Post4india

ग्रेटर नोएडा हादसा: शटरिंग हटाते समय लेंटर ढहा, चार मजदूरों की मौत – सात घायल मजदूरों को रेस्क्यू कर बचाया गया

शटरिंग हटाते समय लेंटर ढहा, चार मजदूरों की मौत

ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा क्षेत्र में मंगलवार को एक बड़ा निर्माण हादसा हो गया। नगला हुकम सिंह गांव में निर्माणाधीन इमारत का लेंटर अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे मौके पर काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। इस दुर्घटना में चार मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि सात मजदूरों को रेस्क्यू टीमों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हादसे के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया।


कैसे हुआ हादसा?

स्थानीय जानकारी के अनुसार, इमारत की तीसरी मंजिल पर शटरिंग हटाने का काम चल रहा था। मजदूर सावधानी के साथ लकड़ी और लोहे का सपोर्ट सिस्टम हटा रहे थे, तभी अचानक पूरा लेंटर ध्वस्त होकर नीचे आ गिरा। मजदूर प्रतिक्रिया करते उससे पहले ही भारी मलबा उन पर टूट पड़ा।

गांव के लोगों ने बताया कि धड़ाम की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के घरों में भी कंपन महसूस हुई। कुछ ही पलों में घटना स्थल पर चीख-पुकार मच गई।


11 मजदूर मलबे में दबे, 4 की मौत

शुरुआत में पुलिस को बताया गया था कि कुछ मजदूर ही फंसे हैं, लेकिन रेस्क्यू टीम के पहुंचने पर पता चला कि कुल 11 मजदूर शटरिंग गिरने से मलबे में दब गए थे।

रेस्क्यू ऑपरेशन में मिला परिणाम

SDRF, पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाया। लगभग तीन घंटे के गहन प्रयासों के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हुआ।


लापरवाही की आशंका – निर्माण कार्य की जांच जारी

पुलिस और तकनीकी अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। शुरुआती जांच में पता चला कि:

ठेकेदार और बिल्डिंग निर्माण से जुड़े अन्य जिम्मेदार लोगों से पुलिस पूछताछ कर रही है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि निर्माण में लापरवाही पाई गई, तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।


घटना के बाद गांव में माहौल तनावपूर्ण

हादसे के बाद गांव में मातम फैल गया। कई मजदूर स्थानीय निवासी थे, जिनके परिवार घटना स्थल पर विलाप करते हुए पहुंचे। प्रशासन ने भी भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है।


प्रशासन ने दिए आदेश

स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि:


निष्कर्ष

ग्रेटर नोएडा में हुई यह दुर्घटना निर्माण कार्यों में सुरक्षा के महत्व की गंभीर याद दिलाती है। मजदूरों की जान बचाने के लिए कड़े मानकों और नियमित जांच की आवश्यकता है। पुलिस और प्रशासन घटना की जांच में लगे हैं, और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें:  महाराष्ट्र के गोंदिया में दर्दनाक घटना: नौकरी करना चाहती थी मां, 20 दिन के बेटे को नदी में फेंककर की हत्या

Exit mobile version