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छपरा अपहरण साजिश का खुलासा: डॉक्टर को उठाने आए किडनैपर्स से मुठभेड़, दूसरे डॉक्टर ने ही दिया था कॉन्ट्रैक्ट

डॉक्टर को उठाने आए किडनैपर्स से मुठभेड़

बिहार के छपरा में निजी नर्सिंग होम संचालक डॉक्टर के अपहरण की कोशिश का सारण पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया, जिनमें से दो बदमाशों का हाफ एनकाउंटर किया गया। जांच में सामने आया है कि यह साजिश व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता के चलते रची गई थी और हैरानी की बात यह है कि एक अन्य डॉक्टर ने ही अपहरण का कॉन्ट्रैक्ट दिया था


कैसे हुई अपहरण की कोशिश?

यह घटना नगर थाना क्षेत्र की है। देर रात निजी नर्सिंग होम संचालक डॉक्टर सजल कुमार को हथियारों से लैस चार–पांच अपराधियों ने उनकी ही कार में जबरन बैठा लिया। अपराधी डॉक्टर, उनके चालक और केयरटेकर को अगवा कर ले जा रहे थे।


चलती गाड़ी से कूदकर बची डॉक्टर की जान

शीशमहल होटल के पास डॉक्टर सजल कुमार को मौका मिला और उन्होंने चलती गाड़ी से कूदकर जान बचा ली। इसके बाद अपराधी चालक, केयरटेकर और कार को लेकर फरार हो गए।


हादसे ने खोला सुराग

बुधवार रात करीब 11 बजे घने कोहरे के कारण अपराधियों की गाड़ी सारण जिलाधिकारी के सरकारी आवास के पास एक बिजली ट्रांसफॉर्मर से टकरा गई। हादसे के बाद अपराधी मौके से भाग निकले, जबकि ड्राइवर और केयरटेकर घायल अवस्था में मिले। इसी घटना से पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे।


24 घंटे में पुलिस की बड़ी कार्रवाई

गुरुवार सुबह डॉक्टर सजल कुमार ने नगर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर नगर थाना कांड संख्या 734/25 दर्ज कर जांच शुरू की गई।

एसएसपी डॉक्टर कुमार आशीष के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने:

के आधार पर सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।


हथियार बरामदगी के दौरान एनकाउंटर

गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपियों को हथियार बरामदगी के लिए एक बगीचे में ले गई। इसी दौरान अपराधियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में:

घायल बदमाशों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।


दूसरे डॉक्टर ने रची थी साजिश

एसएसपी डॉक्टर कुमार आशीष ने बताया कि जांच में यह सामने आया है कि अपहरण की यह साजिश व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा के कारण रची गई थी।

पुलिस अब सभी आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है।


दिसंबर में तीसरा एनकाउंटर

सारण जिले में दिसंबर महीने के भीतर यह तीसरा पुलिस एनकाउंटर है। लगातार हो रही कार्रवाई से साफ है कि पुलिस अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपना रही है।


इलाके में राहत, पुलिस की सराहना

इस तेजी से हुई कार्रवाई के बाद छपरा के लोगों ने राहत की सांस ली है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिस की तत्परता से एक बड़ी वारदात टल गई।

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