जम्मू-कश्मीर में बारिश और भूस्खलन का कहर: 36 मौतें, हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू जारी

जम्मू-कश्मीर में बारिश और भूस्खलन का कहर

कटरा में वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर बड़ा हादसा

जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात बेहद गंभीर बना दिए हैं। कटरा के अर्धकुमारी क्षेत्र में वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर बुधवार को हुए भीषण भूस्खलन में अब तक 36 लोगों की मौत हो चुकी है और कई घायल हैं। आशंका जताई जा रही है कि मलबे में अभी भी कई लोग फंसे हो सकते हैं।


बारिश और बाढ़ से बिगड़े हालात

लगातार हो रही तेज बारिश से जम्मू-कश्मीर और उत्तर पंजाब में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बन गई है।

  • कई पुल टूट गए,

  • बिजली व मोबाइल नेटवर्क ठप हो गए,

  • अब तक 3,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है।

बारिश से कटरा से लेकर डोडा तक के इलाके बुरी तरह प्रभावित हैं।


स्कूल और कॉलेज बंद

खराब मौसम को देखते हुए शिक्षा मंत्री सकीना ईटू ने घोषणा की है कि गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के सभी स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे।


सेना और वायुसेना जुटी राहत कार्यों में

भारतीय वायुसेना (IAF) ने जम्मू और उत्तर पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य के लिए छह हेलिकॉप्टर तैनात किए हैं। इनमें Mi-17 और चिनूक हेलिकॉप्टर शामिल हैं।

  • डेरा बाबा नानक (गुरदासपुर) से 38 सेना कर्मियों और 10 बीएसएफ जवानों को सुरक्षित निकाला गया।

  • अखनूर में 12 सेना कर्मियों और 11 बीएसएफ जवानों (जिनमें तीन महिला कॉन्स्टेबल शामिल थीं) को बचाया गया।

  • पठानकोट में 46 नागरिकों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।


हवाई मार्ग से राहत सामग्री

आईएएफ के C-130 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट ने जम्मू पहुंचकर राहत सामग्री और एनडीआरएफ टीमों को उतारा। बाढ़ प्रभावित और कटे हुए इलाकों में पीने का पानी और भोजन पैकेट हेलिकॉप्टर से गिराए जा रहे हैं। अब तक 750 किलो से अधिक राहत सामग्री प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचाई जा चुकी है।


रिकॉर्ड तोड़ बारिश

जम्मू में पिछले 24 घंटों में 296 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो 9 अगस्त 1973 के रिकॉर्ड (272.6 मिमी) से अधिक है। वहीं उधमपुर में 629.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो 31 जुलाई 2019 को दर्ज 342 मिमी के पिछले रिकॉर्ड से लगभग दोगुनी है।


सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र

बारिश और बाढ़ से जिन इलाकों में सबसे ज्यादा असर पड़ा है, उनमें शामिल हैं:

  • जम्मू शहर, आरएस पुरा, सांबा, अखनूर, नगरोटा, कोट भलवाल, बिश्नाह, विजयपुर, पुर्मंडल, कठुआ और उधमपुर।
    इसके अलावा रेयासी, रामबन, डोडा, कटरा, हीरानगर और बनिहाल क्षेत्र में भी भूस्खलन और जलभराव की स्थिति बनी हुई है।


मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में जम्मू-कश्मीर और उत्तर पंजाब में भारी बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है।


निष्कर्ष

जम्मू-कश्मीर और उत्तर पंजाब में भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भूस्खलन और बाढ़ से अब तक दर्जनों मौतें हो चुकी हैं और हजारों लोग प्रभावित हैं। सेना, वायुसेना और एनडीआरएफ लगातार राहत कार्यों में जुटे हैं। आने वाले दिनों में और बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है।

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