टोक्यो में CM योगी का रोड शो: जापानी निवेशकों को दिया उत्तर प्रदेश में निवेश का न्योता

जापानी निवेशकों को दिया उत्तर प्रदेश में निवेश का न्योता

जापान दौरे पर तेज हुई ‘ब्रांड यूपी’ की पहल

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath सिंगापुर के बाद अब जापान के दौरे पर हैं। उन्होंने जापान की राजधानी Tokyo में उत्तर प्रदेश इन्वेस्टमेंट रोड शो में हिस्सा लिया और वहां के निवेशकों से मुलाकात की।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में उपलब्ध निवेश अवसरों, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और युवा कार्यबल की ताकत को रेखांकित किया। सरकार का कहना है कि इस दौरे का उद्देश्य ‘ब्रांड यूपी’ को वैश्विक स्तर पर मजबूत करना है।


निवेशकों को दिखाया यूपी का आर्थिक मॉडल

रोड शो में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले नौ वर्षों में तेज आर्थिक प्रगति की है और वह देश के सबसे तेजी से बढ़ते राज्यों में शामिल है।

उन्होंने राज्य की औद्योगिक नीति, लैंड बैंक, एक्सप्रेस-वे नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर और स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने जापानी उद्योगपतियों को उत्तर प्रदेश में प्राइवेट इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने के लिए आमंत्रित किया।


धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का भी जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश भगवान राम की जन्मभूमि और भगवान बुद्ध से जुड़ी पवित्र स्थली है। उन्होंने बताया कि राज्य बौद्ध धर्म का एक प्रमुख केंद्र है और यहां भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण स्थल मौजूद हैं।

उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ राज्य आर्थिक विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।


इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने एक्सप्रेस-वे नेटवर्क के विस्तार में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य में व्यापक सड़क और रेल नेटवर्क मौजूद है, जिससे उद्योगों को लॉजिस्टिक्स सुविधा मिलती है।

एयर कनेक्टिविटी का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि पिछले नौ वर्षों में 16 घरेलू और 4 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे संचालित किए गए हैं। साथ ही, Noida International Airport जल्द ही शुरू होने वाला है, जिसे भारत का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बताया जा रहा है।


युवा कार्यबल बनी बड़ी ताकत

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की आबादी लगभग 25 करोड़ है, जिसमें से 56 प्रतिशत युवा हैं। यह युवा वर्ग राज्य की सबसे बड़ी ताकत है।

उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि राज्य में हर क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित और किफायती मानव संसाधन उपलब्ध है। उत्तर प्रदेश को भारत की “फूड बास्केट” भी बताया गया और जल संसाधनों की उपलब्धता पर भी प्रकाश डाला गया।


छात्रों और भारतीय समुदाय से भी संवाद

अधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री जापान में निवेशकों के अलावा भारतीय समुदाय और छात्रों से भी मुलाकात करेंगे। इस दौरान वे उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा और राज्य को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य पर चर्चा करेंगे।

इससे पहले सिंगापुर में उन्होंने डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी निवेश को लेकर बैठकें की थीं।


‘मेक इन यूपी’ को वैश्विक पहचान दिलाने की कोशिश

राज्य सरकार का कहना है कि इस विदेशी दौरे का मकसद ‘मेक इन यूपी’ पहल को बढ़ावा देना और उत्तर प्रदेश को एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग एवं निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।

टोक्यो में आयोजित रोड शो को इसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि इस पहल से राज्य में कितना प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित होता है।

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