राजस्थान पुलिस का मानवीय चेहरा, बेटी की शादी में थाने का स्टाफ बना परिवार
राजस्थान की राजधानी जयपुर के कालवाड़ पुलिस थाने ने इंसानियत की ऐसी मिसाल पेश की, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। थाने में पिछले दस वर्षों से पुलिसकर्मियों के लिए भोजन बनाने वाली हिम्मत कंवर की बेटी गामिनी कंवर की शादी में थाने के सभी पुलिसकर्मी ऐसे शामिल हुए जैसे वे उसके अपने रिश्तेदार हों।
यह कहानी केवल एक शादी की नहीं, बल्कि वर्दी के भीतर छिपे मानवीय दिल की कहानी है।
SHO नवरत्न धोलिया ने निभाई ‘नाना’ की भूमिका
हिम्मत कंवर के पति के निधन के बाद से ही कालवाड़ थाना स्टाफ उनके सहारे बन गया था। जब बेटी की शादी की घड़ी आई, तो थाना प्रभारी (SHO) नवरत्न धोलिया ने पहल की और पूरे थाने के स्टाफ के साथ बेटी की शादी को अपनी जिम्मेदारी समझा।
सभी पुलिसकर्मी मालीवाड़ा गांव पहुंचे, जहां विवाह समारोह आयोजित था। ढोल-नगाड़ों की थाप पर पुलिसकर्मी बारात की तरह नाचते-गाते पहुंचे। SHO नवरत्न धोलिया ने ‘नाना’ की भूमिका निभाई, जबकि बाकी पुलिसकर्मियों ने ‘मामा’ बनकर सभी रस्में निभाईं।
₹6.21 लाख का ‘भात’, जेवर और गृहस्थी का सामान भेंट
पुलिस स्टाफ ने बेटी की शादी में केवल मौजूदगी नहीं दर्ज कराई, बल्कि रिश्ते की मर्यादाएं निभाते हुए ₹6.21 लाख का ‘भात’ भरा। इसमें ₹4.21 लाख नकद, ₹2 लाख के जेवर और घर-गृहस्थी की सभी जरूरत की चीजें शामिल थीं — जैसे बर्तन, बेड, रजाई, और अन्य वस्तुएं।
हर पुलिसकर्मी ने अपनी क्षमता के अनुसार योगदान दिया। यह राशि और सहयोग सोशल मीडिया अभियान के माध्यम से भी जुटाया गया, जिसमें आम नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
पुलिस परिवार बना बेटी का सच्चा सहारा
शादी के दौरान पूरा माहौल भावनाओं से भरा हुआ था। पुलिसकर्मियों ने पारंपरिक रस्मों को निभाते हुए गामिनी कंवर को चुनरी ओढ़ाई, तिलक किया और आशीर्वाद दिया।
हिम्मत कंवर यह दृश्य देखकर भावुक हो उठीं। उन्होंने कहा,
“पति के निधन के बाद मैंने सोचा था कि अब जिंदगी में सहारा नहीं रहेगा। लेकिन पुलिस परिवार ने मुझे और मेरी बेटी को जिस तरह अपनाया, वह मेरे लिए भगवान का आशीर्वाद है।”
सोशल मीडिया पर वायरल हुई मानवीय पहल
इस अनोखी पहल की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। लोग कालवाड़ थाना पुलिस की इस संवेदनशील पहल की जमकर सराहना कर रहे हैं।
विभिन्न जिलों से पुलिस अधिकारी भी इस कदम की तारीफ कर रहे हैं, इसे “पुलिस की संवेदना का सबसे खूबसूरत उदाहरण” बताया जा रहा है।
समाज के लिए प्रेरणा बनी कालवाड़ पुलिस की पहल
यह कहानी सिर्फ एक शादी की नहीं, बल्कि उस भावना की है जो बताती है कि पुलिस सिर्फ कानून की रखवाली नहीं करती, बल्कि समाज की मानवीय डोर को भी मजबूत बनाती है।
SHO नवरत्न धोलिया और उनकी टीम ने यह साबित कर दिया कि वर्दी सिर्फ अपराधियों को पकड़ने या कानून लागू करने तक सीमित नहीं है — यह भरोसे, करुणा और इंसानियत की भी प्रतीक है।
निष्कर्ष: इंसानियत की मिसाल बनी राजस्थान पुलिस
जहां एक ओर पुलिस अक्सर कठोर छवि में देखी जाती है, वहीं जयपुर की कालवाड़ थाना पुलिस ने यह दिखा दिया कि उनके दिल में मानवता और अपनत्व की भी गहरी जगह है।
बेटी की शादी में ‘मामा-नाना’ बनकर पहुंचा यह पुलिस परिवार न केवल एक महिला के आंसू पोंछ गया, बल्कि पूरे समाज को संवेदना और एकजुटता का संदेश दे गया।
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