देवरिया (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में जमीन विवाद की जांच करने पहुंचे एक सब-इंस्पेक्टर और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ग्रामीणों ने दारोगा पर घूस लेकर कब्जा कराने का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस प्रशासन का कहना है कि वह केवल आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायत की जांच करने पहुंचे थे।
रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र में हुआ विवाद
यह मामला देवरिया जिले के रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के ग्राम पौटवा बसंतपुर का है। जानकारी के अनुसार, सब-इंस्पेक्टर आनंद कुमार आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज एक जमीन विवाद की शिकायत की जांच के लिए गांव पहुंचे थे।
जांच के दौरान प्रतिवादी पक्ष के कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और कथित तौर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि वर्दी में मौजूद दारोगा को कुछ ग्रामीण घेरकर सवाल-जवाब कर रहे हैं। ग्रामीण आरोप लगा रहे हैं कि वे “पैसा लेकर कब्जा कराने आए हैं” और “घूस ली है”।
वीडियो में दारोगा पीछे हटते हुए अपना पक्ष रखते नजर आ रहे हैं। इसी दौरान एक युवक के साथ उनकी कहासुनी होती है। आरोप है कि दारोगा ने युवक को हटाने के लिए हाथ पकड़कर धक्का दिया, जिससे माहौल और गरमा गया। एक युवक को यह कहते सुना जा सकता है, “क्या हमें गोली मार दोगे?” इस बयान के बाद मौके पर तनाव और बढ़ गया।
जमीन को लेकर पुराना विवाद
पुलिस के अनुसार, यह जमीन विवाद मोहम्मद कादिर और मोहम्मद रसीद के बीच लंबे समय से चला आ रहा है। कादिर का दावा है कि वह पिछले 35 से 40 वर्षों से जमीन पर काबिज है। वहीं, दूसरा पक्ष भी जमीन पर अपना अधिकार जता रहा है।
बताया जा रहा है कि इस विवाद को लेकर पहले भी दोनों पक्षों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126 और 135 के तहत कार्रवाई की जा चुकी है। प्रशासन का कहना है कि विवाद पुराना है और कई बार इसे सुलझाने की कोशिश की गई है।
पुलिस का पक्ष
पुलिस प्रशासन का कहना है कि सब-इंस्पेक्टर आनंद कुमार केवल आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायत की जांच के लिए गांव गए थे। उनका उद्देश्य जमीन पर किसी भी प्रकार का कब्जा कराना नहीं था।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि वीडियो में दिख रही घटना की जांच की जा रही है। यदि किसी भी पक्ष की गलती पाई जाती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी।
हंगामा करने वालों पर एफआईआर दर्ज
घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हंगामा करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में एक दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सीओ सिटी ने दिए जांच के निर्देश
इस मामले पर सीओ सिटी संजय रेड्डी ने बताया कि उप-निरीक्षक के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और उन्हें घेरकर हूटिंग की गई। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तेजना में आकर दारोगा द्वारा एक व्यक्ति को धक्का देने का वीडियो सामने आया है, जिसकी आधिकारिक जांच की जा रही है।
सीओ ने भरोसा दिलाया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। साथ ही, राजस्व विभाग की टीम के साथ मिलकर जमीन के मालिकाना हक का निस्तारण कराने की प्रक्रिया भी जारी है।
निष्कर्ष
देवरिया में जमीन विवाद के दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुआ यह टकराव स्थानीय प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। वायरल वीडियो ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी है, जिससे सच्चाई सामने आ सके और विवाद का स्थायी समाधान निकल सके।