सुप्रीम कोर्ट में यमन की जेल में बंद भारतीय नर्स निमिषा प्रिया के मामले पर सुनवाई
भारत की 36 वर्षीय नर्स निमिषा प्रिया, जो यमन की जेल में बंद हैं, ने फांसी की सजा से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार को फैसला लेने का अधिकार दिया और याचिकाकर्ता से कहा कि वह सरकार को ज्ञापन सौंपे, ताकि इस संवेदनशील मुद्दे पर उचित कदम उठाया जा सके।
क्या है निमिषा प्रिया का मामला?
निमिषा प्रिया यमन की जेल में बंद हैं और उन्हें एक यमनी नागरिक की हत्या के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई है। हालांकि, याचिकाकर्ता ‘सेव निमिषा प्रिया एक्शन काउंसिल’ नाम की संस्था ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया था कि उन्हें इस मामले में मृतक के परिवार से बात करने के लिए यमन जाने की अनुमति दी जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि वह केंद्र सरकार को ज्ञापन दें और सरकार इस पर अपने हिसाब से निर्णय लेगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे पर कोई आदेश नहीं दे सकते, और सरकार ही इस मामले में आगे की कार्रवाई करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 14 अगस्त को तय की है।
सरकार का रुख: यमनी अधिकारियों के साथ संपर्क में
भारत सरकार ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि यह एक संवेदनशील मामला है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “भारत सरकार इस मामले में हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। हमने निमिषा प्रिया के परिवार को कानूनी सहायता दी है और कांसुलर मुलाकातों की व्यवस्था की है। हम यमनी अधिकारियों और परिवार के सदस्यों के संपर्क में हैं और इस मुद्दे को हल करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।”
सरकार का ध्यान: कानूनी सहायता और कांसुलर मुलाकात
भारत सरकार ने निमिषा प्रिया के परिवार को कानूनी सहायता प्रदान की है और उन्हें नियमित रूप से कांसुलर मुलाकातों का अवसर भी दिया गया है। विदेश मंत्रालय ने इस मामले को बहुत ही गंभीर बताया है और सरकार लगातार यमन के अधिकारियों के साथ बातचीत कर रही है। सरकार का कहना है कि उसका उद्देश्य निमिषा प्रिया को सुरक्षित रूप से भारत वापस लाना है।
अगली सुनवाई और भविष्य की दिशा
सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 14 अगस्त को होगी। याचिकाकर्ता ने यह उम्मीद जताई है कि सरकार उनके ज्ञापन के आधार पर उचित कदम उठाएगी और निमिषा प्रिया को जल्द ही राहत मिलेगी।
निष्कर्ष: क्या उम्मीदें हैं?
निमिषा प्रिया का मामला एक संवेदनशील और जटिल मामला बन गया है, जिसमें सरकार, अदालत और यमनी अधिकारियों के बीच समन्वय की आवश्यकता है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सरकार को निर्णय लेने का अधिकार दिया है, लेकिन यह स्पष्ट है कि भारतीय सरकार इस मुद्दे को सुलझाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। अब यह देखना होगा कि 14 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई में इस मामले में क्या नई दिशा मिलती है।

