कुशीनगर: 2002 के चर्चित नीतीश कटारा ऑनर किलिंग केस के दोषी सुखदेव यादव उर्फ पहलवान की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि वह 20 साल की सज़ा काटने के बाद जून 2024 में जेल से रिहा हुआ था। मंगलवार रात कुशीनगर जिले के तमकुही रोड इलाके में उसकी मोटरसाइकिल को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे में एक की मौत, दो गंभीर घायल
पुलिस के मुताबिक, हादसा मंगलवार रात करीब 10 बजे हुआ। सुखदेव यादव (55 वर्ष) अपनी मोटरसाइकिल पर विजय गुप्ता और भगवत सिंह के साथ सवार था। अचानक एक तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि सुखदेव यादव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दोनों साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटना के मामले में जांच शुरू कर दी गई है।
हादसे के बाद फरार हुआ कार चालक
घटना के तुरंत बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने बताया कि हादसे के बाद आसपास के लोगों ने तुरंत सूचना दी और राहत कार्य शुरू किया।
एसपी कुशीनगर ने बताया कि “मामला दर्ज कर लिया गया है, आरोपी वाहन की तलाश की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।”
कौन था सुखदेव यादव?
सुखदेव यादव को दिल्ली के हाई-प्रोफाइल नीतीश कटारा मर्डर केस में दोषी ठहराया गया था।
यह वही मामला था जिसने 2000 के दशक में पूरे देश को हिला दिया था। इस हत्याकांड में पूर्व सांसद डी.पी. यादव के बेटे विकास यादव और भतीजे विशाल यादव को भी दोषी करार दिया गया था।
16 फरवरी 2002 की रात, नीतीश कटारा को ग़ाज़ियाबाद के एक शादी समारोह से अगवा कर उसकी हत्या कर दी गई थी।
प्रेम संबंध बना हत्या की वजह
जांच में सामने आया कि नीतीश कटारा का प्रेम संबंध भारती यादव (विकास यादव की बहन) से था।
यादव परिवार ने इसे ‘ऑनर किलिंग’ का मामला बना दिया और हत्या को “परिवार की प्रतिष्ठा बचाने” का कारण बताया गया।
अदालत ने तीनों – विकास यादव, विशाल यादव और सुखदेव यादव – को 20 साल कैद की सज़ा सुनाई थी।
जेल से रिहाई के चार महीने बाद हुई मौत
सुखदेव यादव ने पूरी सज़ा पूरी करने के बाद जून 2024 में जेल से रिहाई पाई थी।
उसकी रिहाई पर सरकार ने आपत्ति जताई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि “जब सज़ा निश्चित अवधि की हो, तो रिमिशन (सज़ा घटाने) की जरूरत नहीं होती।”
रिहाई के सिर्फ चार महीने बाद, सुखदेव की मौत सड़क हादसे में हो गई।
पुलिस जांच जारी
पुलिस ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है।
फिलहाल हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं यह हादसा संयोग नहीं बल्कि साजिश तो नहीं थी।
निष्कर्ष
नीतीश कटारा केस से जुड़ा यह नाम एक बार फिर चर्चा में है — लेकिन इस बार किसी अदालत या अपराध के कारण नहीं, बल्कि एक दुर्घटनाजनक मौत के कारण।
20 साल जेल में बिताने के बाद सुखदेव यादव की ज़िंदगी का अंत एक सड़क हादसे में हुआ, जिसने एक बार फिर उस दर्दनाक ऑनर किलिंग केस की यादें ताज़ा कर दी हैं।
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