श्रीनगर के नौगाम में स्थित पुलिस स्टेशन पर हुए भीषण ब्लास्ट ने पूरे जम्मू-कश्मीर को झकझोर दिया है। धमाका इतना तेज था कि कई किलोमीटर दूर तक इसकी आवाज सुनाई दी। पुलिस स्टेशन का बड़ा हिस्सा पूरी तरह मलबे में बदल गया। इस हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 27 लोग घायल हैं। कुछ लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है।
इस घटना की जांच में दो प्रमुख एंगल सामने आए हैं—मानवीय चूक से हुआ विस्फोट या आतंकी साजिश। सुरक्षा एजेंसियां दोनों संभावनाओं की गहराई से जांच कर रही हैं।
🔶 ब्लास्ट से हड़कंप, कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी आवाज
शनिवार देर शाम हुए इस धमाके ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। पुलिस स्टेशन के अंदर मौजूद कई कर्मचारी मलबे में दब गए। बचाव दल को भारी नुकसान की वजह से राहत कार्यों में कठिनाई हो रही है।
मौके पर मौजूद टीमों ने बताया कि 300 फीट दूर तक मानव अंगों के टुकड़े मिले, जिससे विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा लगता है। घायल लोगों को स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और कई की हालत गंभीर है।
🔶 जांच का पहला एंगल: अमोनियम नाइट्रेट की ‘Mishandling’
घटनास्थल से बरामद विस्फोटक के सैंपल की FSL टीम पिछले दो दिनों से जांच कर रही थी।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक पुलिस स्टेशन में करीब 350 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट जब्त कर रखा गया था।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमोनियम नाइट्रेट अत्यंत संवेदनशील रसायन है।
जरा सी हैंडलिंग गलती,
तापमान बढ़ना,
या किसी रासायनिक पदार्थ के संपर्क में आना
भीषण विस्फोट का कारण बन सकता है।
यह भी जांच की जा रही है कि कहीं सीलिंग या मूवमेंट के दौरान किसी प्रकार की चूक तो नहीं हुई।
🔶 दूसरा एंगल: आतंकी साजिश की गहराई से जांच
दूसरी ओर सुरक्षा एजेंसियां आतंकी एंगल पर भी काम कर रही हैं।
पुलिस स्टेशन के भीतर एक संदिग्ध कार खड़ी थी, जिसे पहले कुछ अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल किए जाने के शक में जब्त किया गया था।
संभावना है कि—
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कार में पहले से IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) लगाया गया था,
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IED में ब्लास्ट हुआ,
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उसके बाद पास में रखे अमोनियम नाइट्रेट में भी श्रृंखलाबद्ध विस्फोट हो गया।
इस बीच PAFF (पीपल्स एंटी-फासिस्ट फोर्स) और जैश-ए-मोहम्मद के शैडो ग्रुप ने हमले की जिम्मेदारी ली है। इससे आतंकी एंगल और भी मजबूत हो गया है।
🔶 फरीदाबाद से लाई गई थी विस्फोटक सामग्री
जांच में यह महत्वपूर्ण जानकारी भी मिली है कि अमोनियम नाइट्रेट हरियाणा के फरीदाबाद से लाया गया था।
सुरक्षा एजेंसियां अब सप्लाई चेन, स्रोत और संभावित साजिश की कड़ी जोड़ने की कोशिश कर रही हैं।
🔶 बचाव और राहत कार्यों में लगी टीमें
धमाके के तुरंत बाद
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एंबुलेंस,
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फायर ब्रिगेड,
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SDRF,
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और पुलिस टीमें
मौके पर पहुंचीं।
श्रीनगर के डिप्टी कमिश्नर अक्षय लाबरू ने अस्पताल में घायलों का हालचाल लिया और सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रशासन ने आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी है।
🔶 आतंक मॉड्यूल की जांच के बीच बड़ा धमाका
नौगाम पुलिस स्टेशन हाल ही में इंटर-स्टेट टेरर मॉड्यूल से जुड़े एक बड़े मामले की जांच कर रहा था। कई जब्तियां और गिरफ्तारियां भी हुई थीं।
ऐसे समय में यह विस्फोट होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
वर्तमान में NIA, SOG और बम स्क्वाड की संयुक्त टीम मौके पर जांच कर रही है। आसपास के क्षेत्रों को सील कर दिया गया है और सघन तलाशी चल रही है।
🔶 निष्कर्ष
नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए इस भीषण ब्लास्ट के पीछे की वजह अब तक साफ नहीं है।
दो एंगल—मानवीय गलती और आतंकी साजिश—समान रूप से जांच के दायरे में हैं।
सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं।
इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि आखिर जम्मू-कश्मीर में विस्फोटकों की सुरक्षा और हैंडलिंग व्यवस्था कितनी सुरक्षित है, और आतंकी मॉड्यूल कितने सक्रिय हैं।

