बहराइच (उत्तर प्रदेश):
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में आदमखोर भेड़ियों का आतंक लगातार लोगों की चिंता बढ़ा रहा है। कैसरगंज क्षेत्र में एक बार फिर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां घर के आंगन में खेल रही तीन साल की मासूम बच्ची को भेड़िया उठा ले गया। परिजनों ने हिम्मत दिखाते हुए उसका पीछा किया, जिसके बाद भेड़िया बच्ची को करीब 300 मीटर दूर झाड़ियों में घायल हालत में छोड़कर फरार हो गया।
आंगन में खेल रही थी बच्ची, अचानक हुआ हमला
घटना कैसरगंज थाना क्षेत्र के गोड़हिया नंबर दो गांव की है। देर शाम बच्ची घर के आंगन में खेल रही थी, तभी घात लगाए बैठे आदमखोर भेड़िए ने अचानक हमला कर दिया। भेड़िया बच्ची को मुंह में दबाकर खेतों की ओर भागने लगा। बच्ची की चीख-पुकार सुनकर परिजन दौड़े और शोर मचाते हुए भेड़िए का पीछा किया। खुद को घिरा देख भेड़िया बच्ची को झाड़ियों में छोड़कर भाग निकला।
घायल बच्ची अस्पताल में भर्ती
परिजन तुरंत घायल बच्ची को लेकर नजदीकी अस्पताल पहुंचे, जहां उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, बच्ची की हालत स्थिर बताई जा रही है। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और लोग रात के समय घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं।
पिछले हफ्ते भी मासूम बनी थी शिकार
यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले सप्ताह कैसरगंज कोतवाली क्षेत्र के गोड़हिया नंबर चार के मजरा जरूआ गांव में रात करीब तीन बजे एक वर्षीय बच्ची को भेड़िया उठाकर ले गया था। वह बच्ची अपनी मां के साथ बरामदे में सो रही थी। भेड़िया उसे गन्ने के खेत की ओर ले गया, जहां बाद में उसका शव मिला। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था।
वन विभाग का सर्च ऑपरेशन जारी
लगातार हो रही घटनाओं के बाद वन विभाग और पुलिस की टीमें अलर्ट मोड पर हैं। प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) डॉ. राम सिंह यादव ने बताया कि सूचना मिलते ही सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। रात के समय घना कोहरा और ऊंची गन्ने की फसल होने के कारण ड्रोन कैमरों की मदद से तलाश में दिक्कत आई। दिन निकलते ही फिर से कांबिंग ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। विभाग का कहना है कि आदमखोर भेड़ियों को पकड़ने या मार गिराने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
तीन महीनों से जारी है भेड़ियों का आतंक
बहराइच में पिछले तीन महीनों से भेड़ियों का खौफ बना हुआ है। 10 सितंबर से शुरू हुए हमलों में अब तक 9 मासूम बच्चों और एक बुजुर्ग दंपत्ति समेत कुल 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 33 से अधिक लोग घायल हुए हैं। वन विभाग का दावा है कि अब तक चार भेड़ियों को मार गिराया गया है, लेकिन शेष भेड़िए लगातार नई वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
ग्रामीणों में डर, प्रशासन से सुरक्षा की मांग
लगातार हमलों के कारण ग्रामीणों में गुस्सा और डर दोनों है। लोग प्रशासन से स्थायी समाधान और रात में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक आदमखोर भेड़ियों को पूरी तरह काबू में नहीं किया जाता, तब तक बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा खतरे में बनी रहेगी।
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