बिहार: जमुई में नकली दवाओं का बड़ा रैकेट पकड़ा गया, करोड़ों की दवाइयां जब्त, ट्रैक्टर-ट्रॉली से ले जानी पड़ी खेप

छापेमारी में बड़ी मात्रा में दवाएं और निर्माण सामग्री बरामद

नकली दवाओं के कारोबार का खुलासा: छापेमारी में बड़ी मात्रा में दवाएं और निर्माण सामग्री बरामद

बिहार के जमुई जिले में नकली दवाओं के बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। यहां खैरा थाना क्षेत्र के चौहानडीह गांव में एक दुकान के भीतर करोड़ों रुपये की नकली दवाइयों का निर्माण किया जा रहा था। पुलिस और ब्रांड प्रोटेक्शन टीम की संयुक्त कार्रवाई में भारी मात्रा में नकली दवाइयां, पैकिंग सामग्री और निर्माण सामग्री जब्त की गई है। यह मामला जमुई जिले के लिए एक बड़ी चेतावनी बनकर सामने आया है।

खैरा थाना क्षेत्र में छापेमारी, जब्त हुई लाखों की नकली दवाइयां

इस मामले का खुलासा खैरा थाना क्षेत्र के चौहानडीह गांव में हुआ। जहां लंबे समय से नकली दवाइयां बनाने का गोरखधंधा चल रहा था। जानकारी के मुताबिक, ब्रांड प्रोटेक्शन सर्विस प्राइवेट लिमिटेड और जमुई पुलिस ने मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। छापेमारी के दौरान कई प्रकार की नकली दवाइयां जैसे कफ सिरप, बुखार की दवाइयां, 600 से 800 रुपये प्रति बोतल वाली दवाइयां बरामद की गईं। इसके अलावा, भारी संख्या में खाली बोतलें, रैपर, मशीनें और अन्य पैकिंग सामग्री भी जब्त की गई है।

ब्रांड प्रोटेक्शन टीम की सूचना पर हुई कार्रवाई

ब्रांड प्रोटेक्शन प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारी अंजनी कुमार ने बताया कि डेढ़ महीने पहले सूचना मिली थी कि खैरा थाना क्षेत्र के चौहानडीह गांव में नकली दवाइयों का कारोबार चल रहा है। इसके बाद लगातार इस पर नजर रखी गई। उन्होंने कहा कि छापेमारी के दौरान बरामद सामग्री से यह साफ है कि उस घर में नकली दवाइयों की बॉटलिंग हो रही थी। मौके से दवाइयों की खाली बोतल, टैबलेट को पैक करने के लिए इस्तेमाल होने वाला रैपर, बोतल के कैप और दवाओं के कार्टन के साथ-साथ बॉटलिंग मशीन भी बरामद की गई।

नकली दवाओं के कारोबार की साजिश और आरोपी की पहचान

जमुई जिले के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सतीश सुमन भी छापेमारी स्थल पर पहुंचे और पूरे मामले की गहन जांच की। उन्होंने कहा कि छापेमारी में बड़ी मात्रा में नकली दवाइयां और उन्हें बनाने का सामान बरामद किया गया है। उन्होंने बताया कि जब्त की गई नकली दवाओं की लिस्ट तैयार की जा रही है, जिसे ड्रग इंस्पेक्टर से सत्यापित कराया जाएगा। सत्यापन के बाद मामले में केस दर्ज किया जाएगा।

सतीश सुमन ने यह भी बताया कि गिरोह के सरगना की पहचान हो चुकी है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली से जब्त किया सामान

नकली दवाइयों और पैकिंग सामग्री की इतनी बड़ी मात्रा थी कि उन्हें कई खेपों में ट्रैक्टर-ट्रॉली से खैरा थाने लाया गया। यह इस रैकेट की विशालता को दर्शाता है।

नकली दवाओं का खतरा और कार्रवाई की आवश्यकता

यह घटना न केवल स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा है, बल्कि यह पूरे समाज में नकली दवाओं के प्रसार को भी उजागर करती है। नकली दवाइयों का सेवन मरीजों की जान के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है, और इसके लिए कड़ी कार्रवाई जरूरी है। इस रैकेट के पकड़े जाने से स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी राहत मिली है, लेकिन अब पुलिस को इसके सरगना और अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया को तेज करना होगा।

निष्कर्ष:

नकली दवाओं का कारोबार देश के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक गंभीर खतरा बन चुका है। जमुई जिले में हुई इस छापेमारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि इस तरह के रैकेट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है। पुलिस और ब्रांड प्रोटेक्शन टीम की संयुक्त कार्रवाई से एक बड़े नकली दवाओं के रैकेट का पर्दाफाश हुआ है, और यह मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे भी ऐसे रैकेट्स के खिलाफ कार्रवाई जारी रहनी चाहिए।

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