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बिहार में गंगा का प्रकोप: भागलपुर का भवनाथपुर गांव और NH-80 जलमग्न, लोग जान जोखिम में कर रहे पार

बिहार में गंगा का प्रकोप

गंगा का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का कहर

बिहार के भागलपुर जिले में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे सुल्तानगंज प्रखंड का भवनाथपुर गांव पूरी तरह जलमग्न हो गया है। गांव से लेकर स्कूल और सड़कों तक हर जगह पानी भर गया है।

राष्ट्रीय राजमार्ग-80 (NH-80), जो भागलपुर को पश्चिम बंगाल के फरक्का से जोड़ता है, का एक बड़ा हिस्सा बाढ़ के पानी में डूब गया है। कई जगहों पर 3 से 4 फुट पानी भरने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।


NH-80 पर यातायात ठप, गांव में बढ़ी मुश्किलें

रविवार को मीडिया टीम जब भवनाथपुर पहुंची तो वहां बाढ़ की भयावह स्थिति साफ नजर आई। NH-80 पर पानी भरे होने के कारण गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गंगा की तेज धार सड़क को पार करते हुए आसपास के नए इलाकों में फैल रही है, जिससे स्थिति और गंभीर हो रही है।


तेज धार में पैदल पार कर रहे लोग

गांव में जलभराव के कारण लोगों के पास परिवहन का कोई साधन नहीं बचा है। मजबूरी में ग्रामीण तेज धार वाले पानी में पैदल ही आना-जाना कर रहे हैं। यह बेहद जोखिम भरा है, लेकिन विकल्प न होने के कारण लोग जान हथेली पर रखकर यात्रा कर रहे हैं।


सरकारी मदद को लेकर नाराजगी

बाढ़ पीड़ित ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक सरकार की ओर से उन्हें पर्याप्त मदद नहीं मिली है। न तो राहत सामग्री पहुंचाई गई है और न ही नाव या सुरक्षित आवागमन के लिए कोई व्यवस्था की गई है।
लोगों का कहना है कि प्रशासन सिर्फ कागजी दौरे कर रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस राहत कार्य नजर नहीं आ रहा।


अगले दिनों में और बढ़ सकता है जलस्तर

स्थानीय प्रशासन के अनुसार, गंगा का जलस्तर अभी स्थिर नहीं है और अगले कुछ दिनों में इसके और बढ़ने की संभावना है। अगर पानी और बढ़ा तो भवनाथपुर के साथ-साथ आसपास के कई अन्य गांव भी पूरी तरह कटाव और बाढ़ के खतरे में आ सकते हैं।

बाढ़ विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश और गंगा के अपस्ट्रीम क्षेत्रों से छोड़े जा रहे पानी के कारण जलस्तर में वृद्धि हो रही है। यह स्थिति अगस्त-सितंबर तक बनी रह सकती है।


सुरक्षा और राहत की सख्त जरूरत

विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से अपील की है कि प्रभावित इलाकों में तत्काल नावों की व्यवस्था की जाए, राहत शिविर बनाए जाएं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।
साथ ही, पानी में फंसे लोगों तक भोजन, दवाइयां और पीने का स्वच्छ पानी पहुंचाना जरूरी है, ताकि किसी तरह की महामारी फैलने का खतरा कम हो सके।


निष्कर्ष:
भागलपुर का भवनाथपुर गांव इस समय गंगा की बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित है। NH-80 और आसपास की सड़कें डूबने से इलाके का संपर्क टूट चुका है। ग्रामीणों की जिंदगी खतरे में है और उन्हें तत्काल सरकारी सहायता की सख्त जरूरत है। अगर हालात पर समय रहते काबू नहीं पाया गया, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

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