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‘भारत के ब्रह्मोस हमले से कांप उठा पाकिस्तान’, 30 सेकंड में फैसले की नौबत: PAK PM के सलाहकार का दावा |

भारत के ब्रह्मोस हमले से कांप उठा पाकिस्तान

राणा सनाउल्लाह का बड़ा खुलासा: “हमारे पास सिर्फ 30-45 सेकंड थे”

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के वरिष्ठ सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि भारत द्वारा लॉन्च किए गए ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल हमले ने पाकिस्तान के सैन्य तंत्र को हिलाकर रख दिया था। उन्होंने कहा कि रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर हमला होते ही पाकिस्तान की रक्षा प्रणाली में हाई अलर्ट की स्थिति बन गई थी और सेना के पास यह तय करने के लिए सिर्फ 30 से 45 सेकंड थे कि मिसाइल परमाणु हथियार से लैस है या नहीं।


ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के तहत हुआ हमला

राणा सनाउल्लाह ने बताया कि भारत ने 10 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत कई ब्रह्मोस मिसाइलें पाकिस्तान के रणनीतिक सैन्य ठिकानों पर दागीं। इस हमले में पाकिस्तान के एयरबेस, रनवे, बंकर और हैंगर को निशाना बनाया गया, जिससे पाकिस्तानी वायुसेना की क्षमताओं को बड़ा झटका लगा।


हमले ने पैदा किया परमाणु युद्ध का खतरा

अपने इंटरव्यू में राणा सनाउल्लाह ने स्वीकार किया कि ब्रह्मोस मिसाइल हमले ने पाकिस्तान के अंदर गंभीर दहशत फैला दी थी। उन्होंने कहा कि

“ऐसे समय में जब यह तय करना था कि मिसाइल पारंपरिक है या परमाणु, हमारे पास कुछ ही सेकंड थे। यह स्थिति बेहद खतरनाक थी और किसी भी तरह की प्रतिक्रिया परमाणु युद्ध में तब्दील हो सकती थी।”


डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका की तारीफ, नोबेल के लिए नामित

राणा सनाउल्लाह ने यह भी दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शांत करने में अहम भूमिका निभाई थी। उनके अनुसार,

“अगर ट्रंप ने दुनिया को परमाणु युद्ध से बचाया, तो उनकी भूमिका को निष्पक्ष रूप से आंका जाना चाहिए।”

इसी आधार पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया है। हालांकि भारत की ओर से इस दावे को खारिज कर दिया गया है। भारत का कहना है कि किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की कोई आवश्यकता नहीं पड़ी।


पाकिस्तान ने पहली बार हमले को माना

गौरतलब है कि अब तक पाकिस्तान सरकार और सेना भारत के मिसाइल हमले से इनकार करती रही थी। लेकिन कुछ दिन पहले पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने भी यह स्वीकार किया था कि भारत ने दो बड़े एयरबेस पर हमला किया, जिससे पाकिस्तान की सैन्य क्षमताओं को भारी नुकसान हुआ।


क्यों था नूर खान एयरबेस भारत का लक्ष्य?

नूर खान एयरबेस, जिसे पहले चकलाला एयरबेस कहा जाता था, पाकिस्तानी वायुसेना का एक अत्यंत रणनीतिक ठिकाना है। यहां से कई हाई-लेवल मिशन और वीआईपी मूवमेंट होते हैं। माना जाता है कि यहीं से पाकिस्तान के कई परमाणु हथियारों को भी मूव किया जाता है। ऐसे में इस पर ब्रह्मोस मिसाइल से हमला पाकिस्तान के लिए बड़ी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।


भारत की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं

भारत की ओर से अभी तक इस कथित ऑपरेशन ‘सिंदूर’ पर कोई आधिकारिक पुष्टि या प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन पाकिस्तान के शीर्ष नेताओं के एक के बाद एक आ रहे बयानों से यह स्पष्ट होता है कि इस हमले ने पाकिस्तानी रक्षा तंत्र की नींव हिला दी है।


निष्कर्ष: बढ़ते तनाव के बीच उभरा नया खुलासा

भारत और पाकिस्तान के बीच दशकों से चला आ रहा तनाव एक बार फिर ब्रह्मोस मिसाइल हमले के बाद वैश्विक मंच पर चर्चा का विषय बन गया है। अगर पाकिस्तान के दावों में सच्चाई है, तो यह दक्षिण एशिया में सुरक्षा संतुलन को लेकर एक चिंताजनक संकेत है।

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