इंदौर में महिला की संदिग्ध मौत ने लिया सनसनीखेज मोड़, परिजनों ने लगाए अवैध संबंध और हत्या के आरोप
इंदौर, मध्य प्रदेश — मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में एक महिला की संदिग्ध मौत के मामले ने चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। शुरू में जिस मौत को सड़क हादसा बताकर टालने की कोशिश की जा रही थी, उसका पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने हत्या के रूप में खुलासा किया है। महिला के सिर में गोली मारने की पुष्टि हुई है, जिससे पुलिस ने अब हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना इंदौर के कनाड़िया थाना क्षेत्र की है। मृतका के पति ने दावा किया था कि उसकी पत्नी की मौत एक सड़क दुर्घटना में हुई है। लेकिन जब शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, तो रिपोर्ट में सिर में गोली लगने के स्पष्ट निशान मिले। इसके बाद पुलिस ने घटना को गंभीरता से लेते हुए हत्या की जांच शुरू कर दी है।
पति पर परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतका के परिजनों ने पति पर अवैध संबंध और पूर्व नियोजित हत्या का आरोप लगाया है। परिवार वालों का कहना है कि मृतका और उसके पति के बीच लंबे समय से संबंधों को लेकर तनाव था। परिजनों का दावा है कि पति का किसी अन्य महिला के साथ रिश्ता था, और इसी बात को लेकर घरेलू कलह बढ़ गई थी।
एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह ने बताया कि परिजनों के आरोपों के आधार पर हत्या की आशंका को देखते हुए जांच के दायरे को बढ़ाया गया है। पुलिस ने संदेह के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में लिया है और पूछताछ की जा रही है।
फॉरेंसिक टीम जुटी जांच में, मोबाइल डेटा भी खंगाले जा रहे
पुलिस इस मामले को गंभीर अपराध मानकर हर पहलू से जांच कर रही है। फॉरेंसिक टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है, जबकि तकनीकी टीम मृतका और आरोपी पति के मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन की जांच कर रही है।
जांच अधिकारी का कहना है कि, “हमारे पास कुछ महत्वपूर्ण सुराग हैं, लेकिन हत्या के पीछे की पूरी साजिश और मकसद जानने के लिए गहन जांच की जरूरत है। हम यह भी देख रहे हैं कि क्या कोई तीसरा व्यक्ति इस साजिश में शामिल था।”
जल्द हो सकती है गिरफ्तारी
पुलिस का कहना है कि इस मामले में जल्द ही मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी संभव है। कई तकनीकी और प्रत्यक्ष साक्ष्य जुटाए जा चुके हैं। वहीं परिजनों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को सख्त सजा दी जाए।
सड़क हादसे की आड़ में हत्या का चलन बढ़ा
यह घटना एक बार फिर सामने लाती है कि किस तरह अपराधी सड़क हादसे या आत्महत्या का दिखावा कर हत्या को छिपाने की कोशिश करते हैं। लेकिन फॉरेंसिक और पोस्टमार्टम जांच की आधुनिक प्रक्रिया अब सच्चाई सामने ला रही है।
निष्कर्ष: न्याय की उम्मीद, पुलिस पर टिकी निगाहें
इंदौर की यह वारदात एक और बार साबित करती है कि सच्चाई को हमेशा ज्यादा देर तक छिपाया नहीं जा सकता। पोस्टमार्टम ने झूठ को बेनकाब कर दिया है और अब पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। परिजनों को उम्मीद है कि हत्या के इस मामले में जल्द न्याय मिलेगा, और दोषियों को कानून के तहत सजा दी जाएगी।

