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निजामुद्दीन में दरगाह की दीवार ढही, बड़ा हादसा: 6 की मौत, कई घायल

निजामुद्दीन में दरगाह की दीवार ढही

बारिश बनी मौत की वजह, राहत-बचाव कार्य जारी, प्रशासन पर लापरवाही के आरोप

नई दिल्ली, 16 अगस्त 2025 — राजधानी दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में स्थित दरगाह पत्ते शाह शरीफ में शुक्रवार की दोपहर बड़ा हादसा हो गया। दरगाह के अंदर बने एक कमरे की छत और दीवार का हिस्सा अचानक गिर गया, जिससे 6 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। हादसे के वक्त कमरे में 15 से 20 लोग मौजूद थे।


कैसे हुआ हादसा?

यह घटना निजामुद्दीन में स्थित हुमायूं के मकबरे के पास घटी, जहां जुमे की नमाज के दौरान तेज बारिश के कारण लोग दरगाह के अंदर बने कमरों में चले गए थे। तभी पुरानी और जर्जर छत पहले गिरी, और फिर दीवार भी भरभराकर ढह गई

दिल्ली फायर सर्विस को इस घटना की सूचना शाम 3:51 बजे मिली, जिसके तुरंत बाद 5 फायर टेंडर मौके पर भेजे गए। बचाव कार्य में जुटी टीमों ने अब तक 11 लोगों को मलबे से बाहर निकाला है, जिनमें से कई को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।


हादसे में 6 लोगों की मौत

अब तक मिली जानकारी के अनुसार, इस हादसे में 3 महिलाएं और 3 पुरुषों की जान चली गई है। घायलों को AIIMS और RML अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया है।


प्रशासनिक लापरवाही के आरोप

एडवोकेट मुजीब अहमद, जो कि वक्फ बोर्ड की ओर से घटनास्थल पर पहुंचे थे, उन्होंने बताया कि दरगाह की छत काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी थी। कई बार दरगाह कमेटी ने ASI (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग) से छत की मरम्मत की अनुमति मांगी थी, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी गई।

मुजीब अहमद ने कहा, “बार-बार अनुरोध के बावजूद ASI ने छत रिपेयर नहीं करने दी, और उनकी लापरवाही की वजह से छत में दरारें आ गई थीं। अगर समय रहते मरम्मत होती, तो यह हादसा टाला जा सकता था।”


राजनीतिक प्रतिक्रिया: सौरभ भारद्वाज ने उठाए सवाल

आप नेता सौरभ भारद्वाज ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि राजधानी में लगातार हो रही बारिश से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “दिल्ली में कहीं पेड़ गिर रहे हैं, कहीं बिजली के खंभे और अब दरगाह की छत गिरने जैसी घटना हो रही है। यह बहुत दुखद और चिंताजनक है।”

उन्होंने प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा, “मुख्यमंत्री को अब जमीन पर उतरकर हालात का जायजा लेना चाहिए। ऐसी घटनाएं दिखाती हैं कि कहीं न कहीं प्रशासनिक ढील बरती जा रही है।”


स्थानीय लोग सहमे, सुरक्षा पर सवाल

घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय लोगों ने बताया कि दरगाह परिसर में पहले से ही पानी रिसाव और कमजोर दीवारों की समस्या थी। बारिश के दौरान कमरे में लोग नमाज के लिए इकट्ठा हुए थे, लेकिन अचानक धड़ाम से छत और दीवार गिर पड़ी, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई


निष्कर्ष: मरम्मत की अनदेखी पड़ी भारी

निजामुद्दीन की यह दर्दनाक घटना सुरक्षा और रखरखाव की अनदेखी का नतीजा है। जब किसी ऐतिहासिक स्थल या धार्मिक स्थल की संरचना कमजोर हो जाती है, तो समय रहते मरम्मत बेहद जरूरी होती है। प्रशासन, वक्फ बोर्ड और ASI को अब मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसे स्थानों की समय-समय पर जांच और मरम्मत की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।

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