मरीज बनकर ठगों ने डॉक्टर को लगाया 2.5 लाख का चूना

मरीज बनकर ठगों ने डॉक्टर को लगाया 2.5 लाख का चूना, UPI यूजर्स रहें सावधान – जानें कैसे करें बचाव

उत्तर प्रदेश में साइबर ठगी का नया मामला

उत्तर प्रदेश के शाहपुर इलाके से एक चौंकाने वाला साइबर फ्रॉड केस सामने आया है, जहां ठगों ने मरीज बनकर एक डॉक्टर से 2.5 लाख रुपये की ठगी कर ली। ये मामला ऑनलाइन पेमेंट फ्रॉड का है, जिसमें ठगों ने UPI QR कोड का इस्तेमाल कर बड़ी चालाकी से डॉक्टर के बैंक अकाउंट से पैसे उड़ा लिए।


मरीज बनकर किया कॉल

पुलिस के मुताबिक, 8 सितंबर को शाहपुर निवासी डॉ. जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव को एक अज्ञात व्यक्ति का कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को मरीज बताया और कहा कि वह बीमार है और उसे तुरंत डॉक्टर की सलाह चाहिए।
डॉ. श्रीवास्तव ने इंसानियत के नाते उसकी बात सुनी और फोन पर ही सलाह दे दी। कुछ देर बाद कॉलर ने डॉक्टर को धन्यवाद कहा और कहा कि वह इलाज की फीस UPI पेमेंट से देना चाहता है।


ठग ने QR कोड मांगा और लगाया चूना

फेक मरीज ने डॉक्टर से उनका QR कोड भेजने को कहा। डॉक्टर ने बिना किसी शक के अपना QR कोड व्हाट्सऐप के जरिए शेयर कर दिया।
लेकिन जैसे ही कोड भेजा गया, कुछ ही मिनटों में डॉक्टर के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) खाते से ₹2,48,687 रुपये गायब हो गए।


पुलिस में दर्ज हुई शिकायत

घटना के बाद डॉक्टर ने तुरंत साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। शुरुआती जांच में आरोपियों की पहचान प्रमील कुलार और एस.के. रावत के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, संदिग्धों के बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है और ट्रांजैक्शन ट्रेसिंग की प्रक्रिया चल रही है ताकि पैसों का पता लगाया जा सके।


साइबर ठगी का बढ़ता खतरा

यह मामला इस बात का ताज़ा उदाहरण है कि कैसे साइबर अपराधी नई-नई तरकीबों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। डिजिटल पेमेंट के बढ़ते इस्तेमाल के साथ UPI फ्रॉड के केस लगातार बढ़ रहे हैं।
विशेष रूप से डॉक्टर, व्यापारी और सर्विस प्रोवाइडर्स को अक्सर निशाना बनाया जाता है क्योंकि वे अजनबी ग्राहकों से रोज़ाना पेमेंट प्राप्त करते हैं।


कैसे करें UPI फ्रॉड से बचाव

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों और पुलिस ने कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां बताई हैं, जिन्हें अपनाकर आप ऐसी ठगी से बच सकते हैं —

1. कभी भी QR कोड शेयर न करें

QR कोड पेमेंट रिसीव करने के लिए होता है, लेकिन ठग इसे पेमेंट भेजने के बहाने मांगते हैं और इसके जरिए आपके अकाउंट से पैसे निकाल सकते हैं।

2. अनजान लिंक पर क्लिक न करें

किसी भी अंजान नंबर से आए लिंक या ऐप इंस्टॉल लिंक पर क्लिक न करें। इससे आपका बैंक डेटा और व्यक्तिगत जानकारी चोरी हो सकती है।

3. पेमेंट रिक्वेस्ट को तुरंत डिक्लाइन करें

अगर कोई व्यक्ति आपको पेमेंट रिक्वेस्ट भेजता है, तो उसे Decline करें। पैसे प्राप्त करने के लिए किसी भी PIN या OTP की जरूरत नहीं होती।

4. कभी भी OTP या बैंक डिटेल साझा न करें

साइबर ठग अक्सर बैंक अधिकारी या ग्राहक सेवा प्रतिनिधि बनकर OTP या अकाउंट जानकारी मांगते हैं। याद रखें — कोई भी बैंक OTP नहीं मांगता।

5. साइबर हेल्पलाइन पर तुरंत शिकायत करें

अगर आप ठगी का शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in वेबसाइट पर शिकायत दर्ज करें।


डॉक्टर ने दी चेतावनी

डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि वे अब हर व्यक्ति को सलाह दे रहे हैं कि QR कोड या UPI लिंक किसी को भी न भेजें। उन्होंने कहा,

“मुझे लगा था मरीज मदद चाहता है, लेकिन वो ठग निकला। अब मैं हर कॉल को सावधानी से हैंडल करता हूं।”


निष्कर्ष

डिजिटल इंडिया के इस दौर में जहां ऑनलाइन पेमेंट ने जिंदगी आसान बना दी है, वहीं साइबर अपराधी इसे लोगों को लूटने का ज़रिया बना चुके हैं।
इसलिए हर यूजर को चाहिए कि सतर्क रहें, सोच-समझकर कदम उठाएं और साइबर सिक्योरिटी नियमों का पालन करें।
एक छोटी सी गलती आपकी पूरी कमाई को मिनटों में गायब कर सकती है।

यह भी पढ़ें:   Ground Report: वीरान चांदनी चौक, सुनसान मीना बाज़ार और खामोश जामा मस्जिद — दिल्ली ब्लास्ट के बाद डर और मायूसी का माहौल

One Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *