मेरठ: मंदिर में कृष्ण बनकर पूजा करने वाला युवक असल में था मौलवी का बेटा, पुलिस ने किया गिरफ्तार

मंदिर में कृष्ण बनकर पूजा करने वाला युवक असल में था मौलवी का बेटा

मेरठ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने खुद को कृष्ण बताकर एक प्राचीन शिव मंदिर में पुजारी के रूप में रहकर पूजा-पाठ किया और धार्मिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। लेकिन बाद में जब उसकी असलियत सामने आई, तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। यह मामला धार्मिक पहचान छिपाकर धोखाधड़ी करने और मंदिर से दान की राशि का गलत इस्तेमाल करने का है

मंदिर में घुसकर पूजा करने की शुरुआत

यह मामला मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र के दादरी गांव का है, जहां एक साल पहले एक युवक ने खुद को कृष्ण पुत्र संतोष, निवासी दिल्ली बताकर एक प्राचीन शिव मंदिर में रहने की अनुमति मांगी। गांव में लंबे समय से पुजारी नहीं थे, ऐसे में ग्रामीणों ने युवक को मंदिर में रहने की अनुमति दे दी। युवक ने नाम बदलकर कृष्ण के रूप में पहचान बनाई और पूजा-पाठ, हवन और अन्य धार्मिक कार्यों में सक्रिय हो गया। उसने ग्रामीणों का विश्वास भी जीत लिया और खुद को धार्मिक गुरु के रूप में प्रस्तुत किया।

संदेह और पहचान की मांग

कुछ समय बाद, गांव के कुछ लोगों को युवक के व्यवहार पर संदेह हुआ। जब उसने अपने पहचान पत्र की मांग की, तो वह बहाने बनाने लगा और आधार कार्ड लाने के बहाने 15 दिन के लिए गायब हो गया। फिर जब वह फिर से मंदिर में लौट आया, तो कुछ ग्रामीणों ने उसकी पहचान के बारे में और जांच शुरू की। एक दिन जब मंदिर में भंडारा हो रहा था, तो वह मंदिर के एक कमरे से सामान निकालने लगा। तभी वहां मौजूद कुछ ग्रामीणों ने उसे रोक लिया और उससे पूछताछ की।

पुलिस ने किया गिरफ्तार

ग्रामीणों ने युवक को पकड़कर पुलिस को सूचित किया। पुलिस जब मौके पर पहुंची और सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपना नाम मोहम्मद कासिम बताया और स्वीकार किया कि वह बिहार का रहने वाला है। उसने यह भी स्वीकार किया कि उसके पिता का नाम अब्बास है, जो बिहार में मौलवी हैं। कासिम ने बताया कि वह कई महीनों से मंदिर में रहकर पूजा-पाठ के नाम पर दान की राशि इकट्ठा कर रहा था।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने कासिम के खिलाफ धार्मिक पहचान छिपाकर धोखाधड़ी करने, मंदिर से दान की राशि का गलत इस्तेमाल करने और आस्था से खिलवाड़ करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। एसपी सिटी मेरठ, आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि आरोपी ने खुद को हिंदू बताकर पूजा-पाठ का काम किया और दान में मिली राशि का गलत तरीके से उपयोग किया। पुलिस ने कासिम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

बिहार पुलिस से सत्यापन

पुलिस ने कासिम के दावों की सत्यता जांचने के लिए बिहार पुलिस से संपर्क किया है। उसके निवास की जांच की जा रही है। साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि यह कोई सुनियोजित साजिश थी या व्यक्तिगत लाभ के लिए की गई धोखाधड़ी। पुलिस ने यह भी कहा कि अगर इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति संलिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

निष्कर्ष

यह मामला न केवल आस्था से खिलवाड़ करने का है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि किस तरह कुछ लोग अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए धार्मिक पहचान का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है और इस मामले में आगे की जांच जारी है।

यह भी पढ़ें:  बरेली में ‘लव जिहाद’ का मामला, बख्तावर ने हिंदू लड़की को शादी का झांसा देकर धर्म परिवर्तन और वेश्यावृत्ति में धकेला

One thought on “मेरठ: मंदिर में कृष्ण बनकर पूजा करने वाला युवक असल में था मौलवी का बेटा, पुलिस ने किया गिरफ्तार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *