परिचय
मेरठ के तेजगढ़ी चौराहे पर ऊर्जा राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर के नाम से छात्रों से नाक रगड़वाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। यह घटना तब घटी जब गाड़ी हटाने को लेकर छात्रों का विवाद कुछ युवकों से हुआ। घटना के दौरान खुद को मंत्री का करीबी बताने वाले इन युवकों ने पुलिस की मौजूदगी में छात्रों को सड़क पर नाक रगड़वाया। इस अमानवीय व्यवहार का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी विकुल चपराना को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना का विवरण
यह मामला मेरठ के मेडिकल थाना क्षेत्र का है, जहां ऊर्जा राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर के कार्यालय के नीचे स्थित एक होटल में चार छात्र खाना खा रहे थे। अचानक, उनकी गाड़ी को लेकर कुछ युवकों से विवाद हो गया। विवाद बढ़ने के बाद आरोपियों ने खुद को मंत्री का करीबी बताते हुए छात्रों को धमकाया और मारपीट की। इस दौरान, आरोपियों ने छात्रों को गालियां दीं और उन्हें पुलिस के सामने सड़क पर नाक रगड़ने के लिए मजबूर किया।
पुलिस की मौजूदगी में अपमान
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि घटना के समय पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन आरोपियों ने पुलिस की उपस्थिति की कोई परवाह नहीं की। पुलिस ने आरोपियों को रोकने या उन पर कार्रवाई करने के बजाय, मूकदर्शक बनी रही। इस घटना के वीडियो के वायरल होने के बाद कानून-व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। यह व्यवहार खुलेआम गुंडागर्दी के रूप में देखा जा रहा है।
वायरल वीडियो ने खोली पोल
वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि छात्रों को जबरन नाक रगड़वाया जा रहा है, और पुलिस इस दौरान चुपचाप खड़ी है। वीडियो में यह भी दिख रहा है कि आरोपियों ने पुलिस को धमकाया, और पुलिस ने उनकी कोई मदद नहीं की। इस घटना ने यूपी में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी
एसपी सिटी आयुष विक्रम ने जानकारी दी कि वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। वीडियो में दो पक्षों के बीच अभद्रता होती दिख रही है। पुलिस ने मामले की जांच की और पता चला कि यह विवाद गाड़ी पार्किंग को लेकर हुआ था। मुख्य आरोपी विकुल चपराना को गिरफ्तार कर लिया गया है, और उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
मंत्री सोमेंद्र तोमर का बयान
इस घटना के बाद जब ऊर्जा राज्य मंत्री सोमेंद्र तोमर से प्रतिक्रिया ली गई, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी दिन में मिली थी। उन्होंने कहा, “मेरे नाम का जिक्र किस संदर्भ में किया गया, यह पुलिस जांच कर रही है। अगर किसी ने गलत किया है तो पुलिस अपनी कार्रवाई करेगी। हम भारतीय जनता पार्टी के लोग किसी गलत काम को बर्दाश्त नहीं करते। इस घटना की जांच की जा रही है, और जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।”
समाज में व्याप्त असमानता और कानून की स्थिति
इस घटना से समाज में व्याप्त असमानता और कानून की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। जहां एक तरफ पुलिस घटनास्थल पर मौजूद थी, वहीं दूसरी ओर आरोपियों ने खुलेआम कानून की अवहेलना की। इस तरह की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि पुलिस और प्रशासन को इन अपराधों के प्रति और सख्त रुख अपनाने की आवश्यकता है।
निष्कर्ष
यह घटना यूपी में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पुलिस की निष्क्रियता और आरोपियों के सामने बेबस खड़ा होना समाज के लिए चिंताजनक है। अब देखना होगा कि पुलिस और प्रशासन इस घटना पर कैसे कार्रवाई करते हैं और क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

