Site icon Post4india

मोकामा हत्याकांड: दुलारचंद यादव की हत्या पर सियासी बवाल, परिजनों ने अनंत सिंह पर लगाया आरोप

परिजनों ने अनंत सिंह पर लगाया आरोप

बिहार के मोकामा में हुए जनसुराज समर्थक दुलारचंद यादव हत्याकांड ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। कभी बाहुबली माने जाने वाले और अब जनसुराज समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या के बाद उनका परिवार सदमे में है। परिजनों ने इस हत्या के लिए जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है।


 “अनंत सिंह ने कराई दादा की हत्या” – पोते का आरोप

दुलारचंद यादव के पोते रविरंजन यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा,

“मेरे दादा की हत्या कर दी गई है और अब मेरी भी जान को खतरा है। पुलिस और प्रशासन चुप बैठा है। हमें न्याय चाहिए।”

रविरंजन ने आगे कहा कि उनके दादा हमेशा लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखते थे और किसी से दुश्मनी नहीं थी। उन्होंने कहा,

“हम लोग पढ़े-लिखे हैं, AK-47 वाले नहीं। मेरे दादा जनता की आवाज उठाते थे, लेकिन असली अपराधियों को बचाया जा रहा है।”


 परिजनों ने अनंत सिंह पर लगाए गंभीर आरोप

दुलारचंद यादव के परिवार की महिलाओं ने भी पुलिस प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाया। उनका कहना है कि जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह ने ही हत्या की साजिश रची, क्योंकि दुलारचंद यादव जनसुराज पार्टी के समर्थन में सक्रिय थे।

परिजनों ने बताया कि चुनावी माहौल में दुलारचंद यादव की लोकप्रियता और जनसंपर्क बढ़ रहा था, जिससे विरोधी पक्ष असहज थे। उनका दावा है कि इसी कारण उन्हें “रास्ते से हटाने” की योजना बनाई गई।


 हत्या की वारदात: गोली मारी और फिर कुचल दिया

घटना मोकामा के तारतार गांव की है, जहां बुधवार रात यह दर्दनाक वारदात हुई।
परिजनों का आरोप है कि पहले दुलारचंद यादव के पैर में गोली मारी गई, और जब वे गिर पड़े, तो उन्हें गाड़ी से कुचल दिया गया

गांव में लोगों ने पांच घंटे तक शव को उठाने नहीं दिया और न्याय की मांग करते हुए हंगामा किया।
मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह स्थिति को संभाला और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि तनाव न बढ़े।


 पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी

पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। प्राथमिकी में अनंत सिंह समेत कई अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है और जल्द ही साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
एसपी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और घटनास्थल की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।


 अनंत सिंह के समर्थकों ने पलटा आरोप

वहीं, अनंत सिंह के समर्थकों ने इन आरोपों को बेहद झूठा और राजनीतिक साजिश बताया है।
उनका कहना है कि बुधवार को जनसुराज समर्थकों ने पहले अनंत सिंह के काफिले पर हमला किया था।
पथराव में कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुईं और इसके बाद अफरा-तफरी में गोली चली।

एक समर्थक ने कहा,

“हमारे नेता पर झूठा आरोप लगाया जा रहा है। असल में जनसुराज समर्थकों ने माहौल बिगाड़ा और अब blame अनंत सिंह पर लगाया जा रहा है।”


 मोकामा में बढ़ा तनाव, सुरक्षा कड़ी

घटना के बाद मोकामा और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल है।
प्रशासन ने हालात को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है।
स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


 चुनावी माहौल में हत्या से बढ़ी राजनीतिक गर्मी

मोकामा विधानसभा क्षेत्र में पहले चरण के बिहार चुनाव होने वाले हैं, और ऐसे में यह हत्या राजनीतिक रूप से संवेदनशील मानी जा रही है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह मामला अब जनसुराज बनाम जेडीयू टकराव का प्रतीक बन गया है।
सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या प्रशासन चुनाव से पहले ऐसी घटनाओं को रोक पाने में सक्षम है।


 निष्कर्ष

दुलारचंद यादव की हत्या ने न सिर्फ एक परिवार को शोक में डाल दिया है, बल्कि मोकामा की राजनीति में भूचाल ला दिया है।
जहां एक ओर परिवार अनंत सिंह पर हत्या का आरोप लगा रहा है, वहीं दूसरी ओर उनके समर्थक राजनीतिक षड्यंत्र की बात कर रहे हैं।
अब यह देखना होगा कि पुलिस जांच किस दिशा में जाती है और क्या दुलारचंद यादव को न्याय मिल पाता है या नहीं।

यह भी पढ़ें:  मेरठ में व्यापारी से नाक रगड़वाने के मामले में समझौता, भाजपा नेताओं की पहल से खत्म हुआ विवाद

Exit mobile version