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लखनऊ हत्याकांड: पिता का कत्ल कर ड्रम में छुपाने वाला अक्षत जेल में, मानसिक स्थिति चिंताजनक

पिता का कत्ल कर ड्रम में छुपाने वाला अक्षत जेल में

लखनऊ में मानवेंद्र सिंह हत्याकांड के आरोपी अक्षत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में उसने अपने पिता की हत्या करना कबूल किया है। जेल में उसकी मानसिक स्थिति अस्थिर बताई जा रही है और उसे अस्पताल वार्ड में निगरानी में रखा गया है। पुलिस कॉल डिटेल और करीबी लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।


घटना की पृष्ठभूमि

मानवेंद्र सिंह हत्याकांड ने पूरे लखनऊ को दहला दिया। आरोपी पुत्र अक्षत ने अपने पिता मानवेंद्र सिंह की हत्या के बाद लाश को काटकर ड्रम में छुपा दिया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान अक्षत ने अपनी गलती स्वीकार की और बताया कि यह घटना गुस्से में हुई थी।

इस मामले ने इलाके में सनसनी फैला दी है और रोज नए तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस ने कहा कि पूरे मामले की जांच कई स्तरों पर चल रही है।


जेल में अक्षत की असामान्य स्थिति

जेल सूत्रों के अनुसार, जेल में प्रवेश के बाद अक्षत की मानसिक स्थिति असामान्य रही। उसने रातभर सोने से इंकार किया और लगातार बड़बड़ाता रहा। उसकी बेचैनी को देखते हुए जेल प्रशासन ने उसे अस्पताल वार्ड में रखा और डॉक्टरों की निगरानी में इलाज शुरू कर दिया।

सूत्रों के मुताबिक, दोपहर में थोड़ी मात्रा में भोजन करने के बाद रात में उसने खाने से इनकार कर दिया। उसने दीवार के सहारे बैठकर कहा कि घटना से पहले उसके पिता ने उसे मारा था, जिसके बाद उसने गोली चलाई। फिलहाल दो सुरक्षाकर्मी उसकी लगातार निगरानी कर रहे हैं और उसे काउंसिलिंग भी कराई जा रही है।


सरेंडर करने का इरादा बदल गया

पुलिस ने बताया कि वारदात के बाद अक्षत ने खुद थाने जाकर आत्मसमर्पण करने का मन बनाया था। उसने फोन करने या आशियाना थाने पहुंचने की योजना बनाई, लेकिन एक करीबी व्यक्ति के फोन के बाद उसका इरादा बदल गया।

जांच एजेंसियां मानती हैं कि उसी शख्स की सलाह पर उसने गुमशुदगी दर्ज कराई और साक्ष्य मिटाने की कोशिश की। पुलिस अब इस करीबी व्यक्ति की भूमिका की पड़ताल कर रही है।


कॉल डिटेल और डिजिटल साक्ष्यों की जांच

पुलिस जांच टीम मानवेंद्र और अक्षत दोनों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाल रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि घटना से पहले और बाद में किन-किन लोगों से बातचीत हुई।

पुलिस परिवार के अन्य सदस्यों के बयान भी दर्ज कर रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि वारदात के समय घर में कौन मौजूद था और किसी अन्य की संलिप्तता तो नहीं थी।


साक्ष्य मिटाने की कोशिश

अभियुक्त अक्षत ने स्वीकार किया कि हत्या के बाद पकड़े जाने का डर उसे सताने लगा। उसने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई, लेकिन शुरुआत में अकेले इसे हटाना संभव नहीं हुआ। बाद में बाजार से सामान खरीदकर उसने साक्ष्य मिटाने की कोशिश की।

हालांकि, पुलिस की सक्रियता और तकनीकी जांच के कारण मामला सामने आया। फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की गहन जांच कर रही है।


निष्कर्ष

लखनऊ के इस मानवेंद्र सिंह हत्याकांड ने क्षेत्र में भारी सनसनी फैलाई है। पिता की हत्या कर साक्ष्य छुपाने के प्रयास और आरोपी की अस्थिर मानसिक स्थिति मामले को और गंभीर बनाती है। पुलिस की जांच अभी जारी है और डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल और करीबी लोगों की भूमिका की पड़ताल से पूरे मामले का सच सामने आने की संभावना है।

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