घटना के बाद डिजिटल ट्रेस और सोशल मीडिया गतिविधियां
लखनऊ के आशियाना इलाके में मानवेंद्र सिंह हत्याकांड ने अब नई मोड़ ले लिया है। पुलिस अब सिर्फ वारदात तक ही सीमित नहीं रही बल्कि आरोपी बेटे अक्षत और बेटी कृति की सोशल मीडिया गतिविधियों और डिजिटल ट्रेस की भी जांच कर रही है। हत्या के बाद दोनों ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट प्राइवेट कर दिए।
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह कदम महज संयोग नहीं था। डिजिटल एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोशल मीडिया अकाउंट को प्राइवेट करना या लॉक करना आमतौर पर दो वजहों से होता है—ट्रोलिंग से बचाव या संभावित जांच से दूरी बनाना। पुलिस यह पता लगाने में लगी है कि हत्या से पहले और बाद में दोनों के अकाउंट पर कौन-सी गतिविधियां हुईं और किससे बातचीत हुई।
पिता को गोली मारने के बाद सबसे पहले दोस्त को कॉल
सूत्रों के अनुसार, हत्या के तुरंत बाद अक्षत ने सबसे पहले अपने करीबी दोस्त से संपर्क किया। उसने घटना की जानकारी दी और आत्मसमर्पण करने की बात कही। इसके बाद बहन कृति के अकेले पड़ जाने के डर का हवाला देकर शव को ठिकाने लगाने की योजना बनी। पुलिस इसे बेहद गंभीरता से देख रही है और जांच कर रही है कि यह अचानक लिया गया निर्णय था या पहले से सोचा-समझा कदम।
पैसे को लेकर हुई थी तीखी बहस
जानकारी के अनुसार, 19 फरवरी को मानवेंद्र सिंह ने घर में करीब 50 लाख रुपये गिने थे, जो शराब के ठेके के परमिट रिन्यूअल के लिए रखे गए थे। रकम कम पाई जाने पर पिता-पुत्र के बीच तीखी बहस हुई। आरोप है कि बहस के दौरान मानवेंद्र ने अक्षत को थप्पड़ मारा और लाइसेंसी राइफल की नोक उसकी ओर की। पुलिस ने पुष्टि की कि हत्या लाइसेंसी राइफल से हुई।
संबंधित लोगों का कहना है कि हत्या की जड़ केवल पढ़ाई का दबाव नहीं था। शुरुआती पूछताछ में अक्षत ने नीट की तैयारी का हवाला दिया, जबकि विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड के अनुसार वह 2025 सत्र में बीबीए प्रोग्राम में दाखिल था।
सामान्य दिखने की असामान्य कोशिश
जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद भाई-बहन उसी कमरे में सोते रहे, जहां शव के टुकड़े रखे गए थे। विशेषज्ञों के अनुसार, अपराध के बाद अपराधी अक्सर बेचैनी और घबराहट में असामान्य व्यवहार करते हैं। लेकिन यहां दोनों ने बाहरी तौर पर सामान्य दिनचर्या बनाए रखने की कोशिश की।
कृति ने 20 और 21 फरवरी को अपनी 11वीं की परीक्षा दी और नियमित रूप से स्कूल गई, ताकि किसी को शक न हो। घर के भीतर खून और साजिश चल रही थी, जबकि बाहर से सब कुछ सामान्य दिखाने की कोशिश की गई।
तीन साल पहले भी हुआ विवाद
करीब तीन साल पहले भी मानवेंद्र ने अपने बेटे और बेटी के खातों में पांच लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। इसके बाद अक्षत ने छह पन्नों का पत्र लिखकर घर छोड़ दिया और खुद को बिजनेस करने वाला बताया। पुलिस अब इस पत्र की सामग्री को फिर से खंगाल रही है।
शादी और सख्ती का एंगल
मोहल्ले के लोग बताते हैं कि मानवेंद्र ने हाल के महीनों में घर में सख्ती बढ़ा दी थी। वे अक्सर कहते थे कि “तुम अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे हो।” इसके अलावा उन्होंने दूसरी शादी पर भी विचार किया था, जो अक्षत को नागवार गुजरी। पुलिस इस एंगल को भी नजरअंदाज नहीं कर रही है।

