संभल हत्याकांड ग्राउंड रिपोर्ट: गवाहों की जुबानी खौफनाक सच, ग्राइंडर और बैग देने वाले दुकानदार सदमे में

गवाहों की जुबानी खौफनाक सच, ग्राइंडर और बैग देने वाले दुकानदार सदमे में

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में सामने आया राहुल हत्याकांड पूरे इलाके को झकझोर कर रख देने वाला है। पत्नी रूबी और उसके प्रेमी गौरव द्वारा रची गई इस खौफनाक साजिश ने न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि समाज में भरोसे की नींव को भी हिला दिया है। ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आए चौंकाने वाले खुलासों और गवाहों की बातें रोंगटे खड़े कर देने वाली हैं।


कैसे रची गई खौफनाक साजिश

पुलिस जांच के अनुसार, 19 नवंबर की रात रूबी ने अपने प्रेमी गौरव के साथ मिलकर पति राहुल की बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए बाजार से ग्राइंडर मशीन किराए पर ली गई और दो बैग खरीदे गए। संकरी गलियों में स्थित चुन्नी मोहल्ला के घर के अंदर ही शव के टुकड़े किए गए और फिर उन्हें अलग-अलग जगह फेंक दिया गया

पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए हत्या में इस्तेमाल ग्राइंडर मशीन, बैग और वाहन बरामद कर लिए हैं। फिलहाल घटनास्थल वाला घर सील है और वहां पुलिस का पहरा लगा हुआ है।


संकरी गलियों में सन्नाटा और दहशत

जहां यह वारदात हुई, उस इलाके में अब सन्नाटा पसरा है। आसपास के लोग उस गली से गुजरने में भी हिचक रहे हैं। घर पर ताला और पुलिस की मौजूदगी हर किसी को इस खौफनाक घटना की याद दिला रही है।

वहीं, घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर आरोपी गौरव के घर में मातम का माहौल है। उसके माता-पिता सदमे में हैं। हालांकि गौरव की बहन का दावा है कि उसका भाई निर्दोष है और वह ऐसा अपराध कर ही नहीं सकता। परिवार की यह दलील इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।


ग्राइंडर देने वाला मिस्त्री सदमे में

इस हत्याकांड का सबसे भावुक पहलू ग्राइंडर मशीन देने वाले जीतू मिस्त्री की कहानी है। जीतू ने बताया कि 19 नवंबर को गौरव ने 200 रुपये किराए पर उससे ग्राइंडर लिया था। उसे बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि उसी मशीन का इस्तेमाल उसके परिचित राहुल की हत्या के बाद शव के टुकड़े करने में होगा।

जीतू का कहना है कि घटना के बाद से वह मानसिक रूप से टूट गया है। उसे नींद नहीं आती और काम करने का मन भी नहीं करता। उसने साफ कहा कि ऐसे अपराध करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा, यहां तक कि फांसी मिलनी चाहिए।


बैग बेचने वाला दुकानदार भी हैरान

इस मामले में बैग बेचने वाले दुकानदार विनोद अरोड़ा भी गहरे सदमे में हैं। उन्होंने बताया कि गौरव ने उनकी दुकान से 29 इंच और 22 इंच के दो बैग खरीदे थे। उसने कई बैग देखने के बाद सामान्य तरीके से चयन किया और गूगल पे से भुगतान किया। उसके व्यवहार से किसी तरह का शक नहीं हुआ।

विनोद का कहना है कि उन्हें कभी सपने में भी नहीं लगा था कि उनके बेचे बैगों का इस्तेमाल इस तरह के जघन्य अपराध में होगा।


हत्या में इस्तेमाल वाहन पुलिस के कब्जे में

पुलिस ने जांच के दौरान हत्या के बाद शव के टुकड़े ठिकाने लगाने में इस्तेमाल मोटरसाइकिल, स्कूटी और कार को जब्त कर लिया है। मृतक राहुल पहले मिस्त्री का काम करता था और हाल ही में जूते-चप्पल का कारोबार शुरू किया था।

इस हत्याकांड ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। लोग सवाल कर रहे हैं कि जब अपने ही घर में इस तरह की साजिश रची जा सकती है, तो समाज में भरोसा कैसे कायम रहेगा। फिलहाल दोनों आरोपी जेल में हैं और पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।

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