सहारनपुर में रक्षाबंधन से पहले नकली पनीर फैक्ट्री पर छापा
खाद्य विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से मचा हड़कंप
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के देवबंद क्षेत्र में त्योहार से पहले नकली पनीर बनाने वाली अवैध फैक्ट्री का खुलासा हुआ है। खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर लगभग 7 कुंतल नकली पनीर और 450 लीटर मिलावटी दूध बरामद कर नष्ट कर दिया।
यह कार्रवाई मिलिया गांव में की गई, जहां रिफाइंड तेल और केमिकल की मदद से नकली पनीर तैयार किया जा रहा था। यह पनीर आसपास के जिलों में सप्लाई किया जाना था।
केमिकल और तेल से बन रहा था पनीर
खाद्य सुरक्षा अधिकारी के नेतृत्व में हुई छापेमारी
खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनोज कुमार वर्मा के नेतृत्व में जब टीम फैक्ट्री में पहुंची, तो वहां मौजूद लोग रिफाइंड तेल से भरे टीन को खेतों में फेंककर फरार हो गए। हालांकि, पांच खाली टीन बरामद कर लिए गए।
छापे में पनीर उत्पादन में प्रयुक्त संयंत्र को जब्त किया गया और फैक्ट्री को सील कर दिया गया। बरामद नकली पनीर को बुलडोजर की मदद से गड्ढा खोदकर नष्ट किया गया।
त्योहारों से पहले नकली खाद्य उत्पादों पर निगरानी
खाद्य विभाग की लगातार कार्रवाई जारी
खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनोज वर्मा ने बताया कि रक्षाबंधन और अन्य त्योहारों के दौरान नकली खाद्य उत्पादों की आपूर्ति को रोकने के लिए विभाग पूरी तरह सतर्क है।
उन्होंने यह भी बताया कि 2 जुलाई और 19 जुलाई को भी इसी तरह की कार्रवाई में भारी मात्रा में नकली पनीर नष्ट किया गया था। विभाग की टीमें नियमित निरीक्षण और रात्रि गश्त कर रही हैं ताकि इस तरह के मामलों पर समय रहते अंकुश लगाया जा सके।
नकली पनीर से स्वास्थ्य को खतरा
जनता को दी गई सतर्कता की सलाह
मनोज वर्मा ने जनता को आगाह करते हुए कहा कि नकली पनीर और दूध का सेवन स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। इससे प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो सकती है और त्वचा, पेट और अन्य बीमारियां होने की संभावना रहती है।
उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि खाद्य सामग्री खरीदते समय गुणवत्ता की जांच करें और यदि कहीं भी मिलावट की आशंका हो, तो खाद्य विभाग को तुरंत सूचित करें। विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि जनता को शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्ता युक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।
फैक्ट्री संचालक फरार, जांच जारी
जल्द होगी गिरफ्तारी की कोशिश
फैक्ट्री संचालक कार्रवाई के दौरान फरार हो गया है। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है और जल्द ही उसे गिरफ्तार किए जाने की संभावना है।
विभाग की ओर से कहा गया है कि ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल न हो।
निष्कर्ष
स्वस्थ समाज और त्योहारों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम
सहारनपुर में हुई यह कार्रवाई सिर्फ एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ नहीं, बल्कि एक सतर्क प्रशासन और जागरूक समाज की पहचान है। त्योहारों से पहले इस तरह की मुहिम से ना सिर्फ लोगों का विश्वास बढ़ता है, बल्कि बाजार में मौजूद मिलावटखोरों के मंसूबों पर भी पानी फिरता है।