सेहत के लिए हानिकारक 5 कुकिंग ऑयल्स, जो आपको अपनी किचन से बाहर कर देना चाहिए

सेहत के लिए हानिकारक 5 कुकिंग ऑयल्स

नई दिल्ली, 29 जुलाई 2025: आजकल लोग फिटनेस और हेल्दी डाइट को लेकर काफी जागरूक हो गए हैं, लेकिन इंटरनेट पर जो भी हेल्दी दिखता है, उसे लोग हमेशा सही मान लेते हैं। खासकर, जब बात तेल की आती है, तो कई लोग रिफाइंड ऑयल्स को अनहेल्दी मानते हैं और इन्हें हटाकर दूसरे तेलों का उपयोग करने लगते हैं। हालांकि, कुछ तेलों को हेल्दी समझकर लोग अपनी किचन में इस्तेमाल करते हैं, जो असल में उनकी सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं।

आज हम आपको कुछ ऐसे कुकिंग ऑयल्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें आपको अपनी किचन से तुरंत बाहर कर देना चाहिए। ये तेल प्रोसेसिंग के दौरान अपने प्राकृतिक पोषक तत्व खो देते हैं और शरीर के लिए धीमे जहर की तरह काम कर सकते हैं। आइए जानते हैं इन तेलों के बारे में।

1. सनफ्लावर ऑयल: नुकसानदायक हो सकता है

सनफ्लावर ऑयल को लोग हेल्दी समझते हैं, लेकिन यह तेल ओमेगा-6 फैटी एसिड से भरपूर होता है। ओमेगा-6 फैट का अत्यधिक सेवन शरीर में सूजन (inflammation) बढ़ा सकता है। इसके अलावा, जब यह तेल हाई हीट पर ऑक्सीडाइज होता है, तो यह हानिकारक फ्री रेडिकल्स पैदा करता है, जो शरीर में सेल डैमेज का कारण बन सकते हैं और उम्र से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ा सकते हैं। इसलिए, इसे बहुत ज्यादा इस्तेमाल करना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।

2. सोयाबीन ऑयल: इसके इस्तेमाल से बचें

सोयाबीन ऑयल भारतीय किचन में आमतौर पर इस्तेमाल होता है, लेकिन यह तेल अत्यधिक रिफाइंड होता है, जिससे इसके पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। इसमें ओमेगा-6 फैटी एसिड की अधिकता होती है, जो सूजन (inflammation) को बढ़ा सकता है। लंबे समय तक इसका सेवन हार्ट डिजीज, डायबिटीज और मोटापे जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है। इसलिए, सोयाबीन ऑयल का सेवन सीमित करना चाहिए।

3. कैनोआ ऑयल: यह भी एक गलत विकल्प

कैनोआ ऑयल को हेल्दी तेल के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, लेकिन इसकी प्रोसेसिंग के दौरान हाइड्रोजनेशन किया जाता है, जिससे ट्रांस फैट उत्पन्न होता है। ट्रांस फैट कोलेस्ट्रॉल असंतुलन, हार्ट डिजीज और मेटाबॉलिक डिसऑर्डर का मुख्य कारण है। इसलिए, इस तेल को भी सीमित मात्रा में ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

4. पाल्म ऑयल: इसके नुकसान को जानें

पाल्म ऑयल सस्ता होने के कारण पैक्ड और प्रोसेस्ड फूड्स में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है। हालांकि, इसमें उच्च मात्रा में सैचुरेटेड फैट होता है, जो आर्टिरिज को ब्लॉक कर सकता है। इसके लगातार सेवन से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए, इस तेल से बचना सबसे बेहतर रहेगा।

5. मक्के का तेल: न करें इस्तेमाल

मक्के का तेल भी ओमेगा-6 से भरपूर होता है, और इसकी प्रोसेसिंग के दौरान कई बार केमिकल सॉल्वेंट्स का इस्तेमाल किया जाता है। यह तेल शरीर में सूजन और डायबिटीज जैसी समस्याओं को बढ़ावा देता है। इसके अलावा, यह वजन बढ़ाने का कारण भी बन सकता है, जो अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। इसलिए, मक्के के तेल का इस्तेमाल भी सीमित करना चाहिए।

क्यों हैं ये तेल सेहत के लिए हानिकारक?

इन तेलों का मुख्य कारण उनके प्रोसेसिंग तरीके में छिपा हुआ है। हाई हीट प्रोसेसिंग, रिफाइंड तकनीक और ट्रांस फैट की मौजूदगी इन तेलों को शरीर के लिए खतरनाक बनाती है। ये तेल न केवल हमारे दिल, लिवर, और डायजेशन सिस्टम पर असर डालते हैं, बल्कि ब्लड प्रेशर के लिए भी हानिकारक साबित हो सकते हैं।

क्या करें? हेल्दी कुकिंग ऑयल्स के विकल्प

अगर आप अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहते हैं तो आपको इन हानिकारक तेलों के बजाय कुछ हेल्दी विकल्पों का चयन करना चाहिए:

  1. ऑलिव ऑयल – यह अच्छे मोनोअनसैचुरेटेड फैट से भरपूर होता है और दिल के लिए फायदेमंद है।

  2. कोकोनट ऑयल – इसमें सैचुरेटेड फैट की मात्रा कम होती है और यह मेटाबॉलिज़्म को बढ़ावा देता है।

  3. एवोकाडो ऑयल – यह भी मोनोअनसैचुरेटेड फैट से भरपूर होता है और यह त्वचा के लिए भी फायदेमंद है।

  4. घी – यह भारतीय किचन में प्राचीन समय से इस्तेमाल होता आ रहा है और यह अच्छे सेहत के लिए अच्छा माना जाता है, खासकर अगर यह घी शुद्ध हो।

निष्कर्ष

अगर आप अपनी सेहत को लेकर सचेत हैं, तो आपको इन हानिकारक कुकिंग ऑयल्स का इस्तेमाल तुरंत बंद कर देना चाहिए। इनकी जगह हेल्दी और प्राकृतिक तेलों का चुनाव करना चाहिए, जो आपके दिल, लिवर और अन्य अंगों के लिए फायदेमंद हों।

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