भारत की मुश्किलें बढ़ीं, इंग्लैंड का दबदबा कायम
भारत और इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर चल रहे चौथे टेस्ट मैच में भारतीय टीम तीसरे दिन के खेल तक बैकफुट पर नजर आ रही है। इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 544/7 का स्कोर बनाकर 186 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त ले ली है। इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स (77 नॉटआउट) और लियाम डॉसन (21 नॉटआउट) इस समय क्रीज पर मौजूद हैं। भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 358 रन बनाये थे, लेकिन अब इंग्लैंड के लिए जीत की दिशा साफ नजर आ रही है।
भारत की गेंदबाजी रणनीति ने नहीं दिया परिणाम
भारत ने इस टेस्ट में अपनी गेंदबाजी के लिए चार तेज गेंदबाजों जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, अंशुल कम्बोज और शार्दुल ठाकुर के साथ उतरी थी, साथ ही रवींद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर जैसे दो स्पिनर्स भी शामिल थे। लेकिन सभी गेंदबाज इस मुकाबले में प्रभावी साबित नहीं हुए। इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों को पूरी तरह से हावी किया। जो रूट की शानदार बल्लेबाजी और शतकीय साझेदारियों ने इंग्लैंड को मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया।
जो रूट ने इंग्लैंड को मजबूत स्थिति में पहुंचाया
इंग्लैंड के लिए जो रूट ने शानदार पारी खेली और भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ डटकर खेला। रूट ने 248 गेंदों पर 150 रन बनाए, जिसमें 14 चौके शामिल थे। रूट का यह भारत के खिलाफ 12वां टेस्ट शतक था और उनके टेस्ट करियर का 38वां शतक। रूट के इस शतक ने इंग्लैंड की जीत की पटकथा लिख दी और भारतीय टीम को दबाव में डाल दिया।
जो रूट और बेन स्टोक्स के बीच पांचवें विकेट के लिए शतकीय साझेदारी ने भारतीय गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं। इसके अलावा, इंग्लैंड ने पहले ही जैक क्राउली और बेन डकेट के साथ 166 रनों की शानदार शुरुआत की थी, जिससे भारतीय गेंदबाजों पर दबाव और बढ़ गया।
यह भी पढ़ें: IND vs ENG, 4th Test Day 3 Highlights: इंग्लैंड ने कसा शिकंजा, जो रूट का रिकॉर्ड तोड़ शतक
भारतीय कप्तान शुभमन गिल की कप्तानी पर सवाल
भारतीय कप्तान शुभमन गिल की कप्तानी भी इस मुकाबले में कमजोर नजर आई है। एक उदाहरण के तौर पर, वॉशिंगटन सुंदर को गेंदबाजी करने के लिए काफी इंतजार करना पड़ा। सुंदर ने 68वें ओवर के बाद गेंदबाजी शुरू की, जबकि उन्हें पहले ही गेंदबाजी का मौका मिलना चाहिए था। सुंदर ने शुरुआत में दो महत्वपूर्ण विकेट भी झटके, लेकिन उनका देर से गेंदबाजी पर आना एक सवाल खड़ा करता है। इसके अलावा, शार्दुल ठाकुर का सही से उपयोग भी नहीं किया गया, जो कि भारत के लिए निराशाजनक था।
भारत की रणनीति: चौथे दिन की चुनौती
अब भारतीय टीम की पूरी कोशिश होगी कि वे इंग्लैंड के बचे हुए विकेट जल्दी से निकाल सकें और अपनी दूसरी पारी में बड़ी चुनौती का सामना कर सकें। भारतीय बल्लेबाजों को इंग्लैंड की लीड को खत्म करने के बाद बड़े रन बनाने होंगे। हालांकि, पिच से अब गेंदबाजों को मदद मिलनी शुरू हो गई है, जिससे भारतीय बल्लेबाजों के लिए इसे संभालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
यदि भारतीय टीम यह मुकाबला ड्रॉ कराने में सफल रहती है, तो भी यह एक अच्छा परिणाम माना जाएगा, खासकर तब जब मैनचेस्टर में चौथे दिन बारिश की संभावना है। वेदर रिपोर्ट के अनुसार, 26 जुलाई को मैनचेस्टर में बारिश की संभावना 47 प्रतिशत है, और अगर बारिश से खेल प्रभावित होता है, तो मैच ड्रॉ की दिशा में जा सकता है।
निष्कर्ष
भारत के लिए यह टेस्ट अब ‘करो या मरो’ की स्थिति बन चुका है। चौथे दिन भारतीय टीम के लिए एक कठिन चुनौती होगी, जिसमें उन्हें इंग्लैंड के बचे हुए विकेट जल्दी से निकालने होंगे। इसके बाद भारतीय बल्लेबाजों को अपनी पारी संभालते हुए इंग्लैंड की लीड को खत्म करना होगा। हालांकि, इंग्लैंड की मजबूत स्थिति को देखते हुए यह मैच भारत के लिए कठिन साबित हो सकता है।
One thought on “4 पेसर, 2 स्पिनर… फिर भी मैनचेस्टर टेस्ट में बैकफुट पर टीम इंडिया, जो रूट की शानदार पारी से इंग्लैंड की मजबूत स्थिति”