DMRC ने लागू की नई दरें
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने यात्रियों के लिए किराए में मामूली बढ़ोतरी की घोषणा की है। नई दरें 25 अगस्त 2025 से लागू हो गई हैं। किराए में यह बढ़ोतरी दूरी के हिसाब से की गई है, जिसमें न्यूनतम 1 रुपये और अधिकतम 4 रुपये की वृद्धि की गई है। वहीं, एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर यह बढ़ोतरी अधिकतम 5 रुपये तक होगी।
DMRC का कहना है कि यह बदलाव “मिनिमल इन्क्रीज” यानी मामूली संशोधन है, ताकि यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
दूरी के अनुसार नए किराए
नई दरों के मुताबिक, सामान्य दिनों में मेट्रो का किराया अब इस प्रकार होगा:
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0 से 2 किलोमीटर: 10 रुपये से बढ़कर 11 रुपये
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2 से 5 किलोमीटर: 20 रुपये से बढ़कर 21 रुपये
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5 से 12 किलोमीटर: 30 रुपये से बढ़कर 32 रुपये
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12 से 21 किलोमीटर: 40 रुपये से बढ़कर 43 रुपये
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21 से 32 किलोमीटर: 50 रुपये से बढ़कर 54 रुपये
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32 किलोमीटर से अधिक दूरी: 60 रुपये से बढ़कर 64 रुपये
इस संशोधन के बाद, सबसे लंबी दूरी की यात्रा के लिए यात्रियों को अब 64 रुपये चुकाने होंगे।
छुट्टियों और रविवार के लिए नए किराए
दिल्ली मेट्रो ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय अवकाश और रविवार को भी यही संशोधित दरें लागू होंगी। छुट्टियों और रविवार के लिए नया किराया इस प्रकार है:
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0 से 2 किलोमीटर: 11 रुपये
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2 से 5 किलोमीटर: 11 रुपये
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5 से 12 किलोमीटर: 21 रुपये
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12 से 21 किलोमीटर: 32 रुपये
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21 से 32 किलोमीटर: 43 रुपये
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32 किलोमीटर से अधिक दूरी: 54 रुपये
एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर भी संशोधन किया गया है, जहां किराया 1 रुपये से 5 रुपये तक बढ़ाया गया है।
दिल्ली मेट्रो में सफर पर कितना असर?
यात्रियों का कहना है कि यह बढ़ोतरी भले ही “मामूली” बताई जा रही हो, लेकिन रोजाना यात्रा करने वाले लोगों के लिए कुल खर्च में फर्क आएगा। ऑफिस जाने वाले यात्रियों को अब पहले से ज्यादा किराया देना पड़ेगा।
राजनीतिक विवाद भी शुरू
दिल्ली मेट्रो के किराए में इस बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सौरभ भारद्वाज ने इसे लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा:
“Metro किराया कैसे बढ़ गया? दिल्ली की भाजपा सरकार बताए- Metro के बोर्ड में दिल्ली सरकार के नॉमिनी ने किराया बढ़ाने का विरोध किया?, दिल्ली सरकार ने इस मामले में आवाज क्यों नहीं उठाई?”
उनका कहना है कि बिना विरोध के यह निर्णय यात्रियों पर आर्थिक बोझ डालने जैसा है।
DMRC का तर्क
DMRC का कहना है कि किराए की यह बढ़ोतरी परिचालन लागत, रखरखाव और सुविधाओं को ध्यान में रखकर की गई है। साथ ही, यात्रियों को बेहतर सेवाएं देने के लिए यह कदम जरूरी था।
निष्कर्ष
दिल्ली मेट्रो का नया किराया स्ट्रक्चर सीधे तौर पर यात्रियों की जेब पर असर डालने वाला है। हालांकि DMRC इसे छोटी और जरूरी बढ़ोतरी बता रहा है, लेकिन इसका राजनीतिक असर भी साफ दिख रहा है। अब देखना यह होगा कि बढ़ते किराए के बाद यात्रियों की संख्या पर क्या प्रभाव पड़ता है।

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