मुंबई नगर निगम चुनाव में ऐतिहासिक बदलाव
मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव के नतीजों ने महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया है। करीब ढाई दशक तक जिस BMC पर ठाकरे परिवार का दबदबा रहा, वहां अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना ने मिलकर सत्ता की चाबी हासिल कर ली है। इस गठबंधन ने बहुमत के आंकड़े से 4 सीटें ज्यादा जीत दर्ज की हैं, जिससे मुंबई की राजनीति की दिशा बदलती नजर आ रही है।
BJP–शिंदे गठबंधन को स्पष्ट बहुमत
BMC के कुल 227 वार्डों के नतीजे घोषित हो चुके हैं। बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत थी, जबकि BJP और शिंदे गुट की शिवसेना ने मिलकर 118 सीटें जीत लीं।
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BJP: 89 सीटें
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शिवसेना (शिंदे गुट): 29 सीटें
यह जीत इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि 2017 के चुनाव में BJP 82 सीटों पर सिमट गई थी। इस बार पार्टी ने अपना पिछला रिकॉर्ड तोड़ते हुए शहरी मतदाताओं में मजबूत पकड़ साबित की है।
उद्धव ठाकरे की शिवसेना दूसरे स्थान पर
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) इस चुनाव में दूसरे नंबर पर रही। पार्टी को कुल 65 सीटें मिलीं।
हालांकि सीटों के मामले में पार्टी ने ठीक-ठाक प्रदर्शन किया, लेकिन वह BMC की सत्ता में वापसी करने में नाकाम रही। यह परिणाम ठाकरे परिवार के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है, क्योंकि BMC को लंबे समय तक उनकी सबसे मजबूत राजनीतिक आधारशिला माना जाता था।
कांग्रेस का कमजोर प्रदर्शन
कांग्रेस का प्रदर्शन इस बार भी शहरी इलाकों में कमजोर रहा। पार्टी को केवल 24 सीटों से संतोष करना पड़ा।
कुछ जगहों पर कांग्रेस ने सहयोगी दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ा, लेकिन इसका खास फायदा नहीं मिला। BMC जैसे बड़े शहरी निकाय में कांग्रेस की सीमित मौजूदगी ने पार्टी की चुनौतियों को और उजागर किया है।
अन्य दलों की स्थिति
इस चुनाव में छोटे और क्षेत्रीय दलों की भूमिका सीमित रही:
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AIMIM: 8 सीटें
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महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS): 6 सीटें
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NCP (अजित पवार गुट): 3 सीटें
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NCP (शरद पवार गुट): 1 सीट
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समाजवादी पार्टी: 2 सीटें
इन दलों को कुछ इलाकों में समर्थन जरूर मिला, लेकिन वे सत्ता की दौड़ में प्रभावी भूमिका नहीं निभा सके।
मतदान प्रतिशत और आंकड़े
इस बार BMC चुनाव में कुल 47.72 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
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कुल डाले गए वोट: 54,64,412
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अमान्य वोट: 11,677
मतदान प्रतिशत औसत रहा, लेकिन परिणामों ने साफ कर दिया कि मतदाताओं ने बदलाव के पक्ष में वोट किया।
गठबंधन और रणनीति का असर
BJP और शिंदे गुट का गठबंधन मुंबई, ठाणे, कल्याण-डोंबिवली, वसई-विरार, भिवंडी और पनवेल जैसे क्षेत्रों में प्रभावी साबित हुआ।
वहीं, कुछ नगर निगम क्षेत्रों में अलग-अलग गठबंधन और सीट शेयरिंग ने भी चुनावी नतीजों को प्रभावित किया।
मुंबई की राजनीति में नया अध्याय
BMC चुनाव परिणाम 2026 ने यह साफ कर दिया है कि मुंबई की राजनीति अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है। 25 साल बाद ठाकरे परिवार का अभेद्य किला ढहना न सिर्फ स्थानीय राजनीति, बल्कि महाराष्ट्र की सत्ता समीकरणों पर भी गहरा असर डाल सकता है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि BJP–शिंदे गठबंधन BMC में किस तरह की नीतियां और विकास मॉडल पेश करता है।

