Site icon Post4india

IND vs ENG 2025: ऋषभ पंत ने रचा नया इतिहास, धोनी को पछाड़ा, कोहली-सचिन को छोड़ने का भी मौका

ऋषभ पंत ने रचा नया इतिहास, धोनी को पछाड़ा

ऋषभ पंत ने इंग्लैंड में रचा नया रिकॉर्ड

भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वह इंग्लैंड की धरती पर एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले एशियाई विकेटकीपर बन गए हैं। पंत ने अब तक 361 रन बना लिए हैं और इस मामले में उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी को पीछे छोड़ दिया है, जिन्होंने 2014 में 349 रन बनाए थे।

SENA देशों में सबसे सफल एशियाई विकेटकीपर

ऋषभ पंत अब SENA देशों (साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) में भी सबसे ज्यादा रन बनाने वाले एशियाई विकेटकीपर बन चुके हैं। उन्होंने 2018 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर बनाए गए 350 रनों के अपने ही रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा है।

रिकॉर्ड लिस्ट में पंत का दबदबा

SENA टेस्ट सीरीज में सर्वाधिक रन (एशियाई विकेटकीपर):
🏏 361* रन – ऋषभ पंत vs इंग्लैंड, 2025
🏏 350 रन – ऋषभ पंत vs ऑस्ट्रेलिया, 2018
🏏 349 रन – एमएस धोनी vs इंग्लैंड, 2014
🏏 349 रन – ऋषभ पंत vs इंग्लैंड, 2021
🏏 321 रन – फारुख इंजीनियर vs न्यूजीलैंड, 1968

इंजरी के बावजूद खेलते रहे पंत

लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान पंत को बाएं हाथ की तर्जनी में चोट लग गई थी, जब वे बुमराह की गेंद को पकड़ने की कोशिश कर रहे थे। उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा और उनकी जगह ध्रुव जुरेल ने विकेटकीपिंग की। लेकिन पंत अगले दिन बल्लेबाजी के लिए लौटे और उन्होंने 19 रन बनाकर दिन का अंत नाबाद किया।

शतक की बराबरी, अब लक्ष्य द्रविड़

पंत अब तक इंग्लैंड में चार टेस्ट शतक लगा चुके हैं। वह विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर की बराबरी पर आ चुके हैं। राहुल द्रविड़ छह शतकों के साथ सबसे आगे हैं। पंत यदि आने वाले मैचों में फॉर्म में रहते हैं, तो इस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ सकते हैं।

विश्व रिकॉर्ड की ओर कदम

पंत अब दुनिया में किसी भी विकेटकीपर द्वारा एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन सकते हैं। यह रिकॉर्ड फिलहाल डेनिस लिंडसे (606 रन, 1966-67 बनाम ऑस्ट्रेलिया) के नाम है। पंत के पास अभी और मौके हैं, और फॉर्म को देखते हुए यह लक्ष्य भी संभव लग रहा है।

निष्कर्ष

ऋषभ पंत ने यह साबित कर दिया है कि वह सिर्फ एक आक्रामक बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाने वाले खिलाड़ी भी हैं। उनकी दृढ़ता, चोट के बावजूद खेलने का जज़्बा और रिकॉर्ड ब्रेकिंग परफॉर्मेंस उन्हें भारतीय क्रिकेट का भविष्य बनाते हैं।

 

यह भी पढ़ें:  Wimbledon 2025 Final: जोकोविच बाहर, सिनर और अल्कारेज के बीच खिताबी भिड़ंत

Exit mobile version