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आवारा कुत्तों के मुद्दे पर सियासी टकराव: आशीष सूद ने अरविंद केजरीवाल से मांगी सार्वजनिक माफी

आशीष सूद ने अरविंद केजरीवाल से मांगी सार्वजनिक माफी

दिल्ली विधानसभा सत्र के दूसरे दिन की शुरुआत से पहले आवारा कुत्तों के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक पत्र लिखकर उन पर जनता के बीच भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। सूद ने केजरीवाल से दिल्ली की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।


क्या है पूरा मामला?

आशीष सूद ने अपने पत्र में कहा है कि दिल्ली में आवारा कुत्तों की संख्या को लेकर जो आंकड़े और दावे सामने रखे जा रहे हैं, वे भ्रामक और तथ्यहीन हैं। उनके मुताबिक, इन दावों का कोई आधिकारिक आधार नहीं है और इससे आम लोगों के बीच अनावश्यक डर और भ्रम फैल रहा है।

शिक्षा मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि इस तरह की जानकारी दिल्ली जैसे बड़े शहर में सामाजिक तनाव बढ़ा सकती है और यह जिम्मेदार राजनीति के खिलाफ है।


केजरीवाल पर लगाए गंभीर आरोप

आशीष सूद ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल जानबूझकर गलत सूचनाएं फैलाकर राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री को संवेदनशील मुद्दों पर बयान देते समय अधिक जिम्मेदारी दिखानी चाहिए।

सूद के अनुसार, आवारा कुत्तों की गिनती को लेकर जो बातें कही जा रही हैं, वे केवल अफवाह हैं और इन्हें तथ्य के रूप में पेश करना गलत है।


सार्वजनिक माफी की मांग

अपने पत्र में आशीष सूद ने मांग की कि अरविंद केजरीवाल को आगे आकर दिल्ली की जनता से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने लिखा कि शहर के अहम मुद्दों पर समाधान देने के बजाय गलत जानकारी फैलाना निंदनीय है।

सूद ने यह भी कहा कि दिल्ली पहले ही कई समस्याओं से जूझ रही है और इस तरह की बयानबाजी से हालात और बिगड़ सकते हैं।


विधानसभा सत्र से पहले गरमाया माहौल

विधानसभा सत्र शुरू होने से ठीक पहले यह पत्र सामने आने से राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। माना जा रहा है कि आवारा कुत्तों का मुद्दा सत्र के दौरान भी जोर-शोर से उठाया जा सकता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।


निष्कर्ष

आवारा कुत्तों की समस्या दिल्ली के लिए एक गंभीर और संवेदनशील विषय है। ऐसे में नेताओं के बयान न केवल जिम्मेदार होने चाहिए, बल्कि तथ्यों पर आधारित भी होने चाहिए। आशीष सूद का पत्र इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस को एक नई दिशा देता नजर आ रहा है। अब यह देखना होगा कि अरविंद केजरीवाल इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

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