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झुग्गी बस्तियों को लेकर अरविंद केजरीवाल पर कांग्रेस का वार: ‘घड़ियाली आंसू’ करार, पूछे 10 तीखे सवाल

झुग्गी बस्तियों को लेकर अरविंद केजरीवाल पर कांग्रेस का वार

दिल्ली की झुग्गियों पर कार्रवाई को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी आमने-सामने, राजनीतिक तनातनी तेज


झुग्गी विवाद के बीच जंतर-मंतर पर केजरीवाल की हुंकार

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को जंतर-मंतर पर एक रैली को संबोधित करते हुए झुग्गी बस्तियों के समर्थन में भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली के कई इलाकों में गरीबों की झुग्गियां जबरन तोड़ी जा रही हैं, जिससे हजारों लोग बेघर हो रहे हैं।

केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार गरीबों के साथ है और झुग्गी वालों को हटाने का कोई प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘जहां झुग्गी, वहीं मकान’ की नीति को लागू किया जाना चाहिए, जिससे किसी भी गरीब को बेघर ना होना पड़े।


कांग्रेस का पलटवार: ‘घड़ियाली आंसू’ और सवालों की बौछार

मुख्यमंत्री केजरीवाल के इस रुख पर दिल्ली कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट करते हुए केजरीवाल को आड़े हाथों लिया और उनके ‘झुग्गी प्रेम’ को ‘घड़ियाली आंसू’ बताया।

कांग्रेस ने कहा कि आम आदमी पार्टी खुद भी वर्षों से सत्ता में है, फिर भी झुग्गीवासियों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। देवेंद्र यादव ने AAP सरकार के पिछले कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए दस गंभीर सवाल पूछे, जिनका अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।


कांग्रेस ने पूछे ये 10 सवाल:

  1. 2015 से अब तक कितनी झुग्गियों को नियमित किया गया?

  2. ‘जहां झुग्गी वहीं मकान’ योजना पर क्या प्रगति हुई?

  3. दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) के तहत कितने मकान बनाए गए?

  4. किन-किन क्षेत्रों में पुनर्वास की व्यवस्था की गई?

  5. पिछले 9 वर्षों में कितने परिवारों को वैकल्पिक आवास मिला?

  6. झुग्गीवासियों की सूची तैयार करने में कितनी पारदर्शिता रही?

  7. क्या झुग्गी तोड़ने से पहले पुनर्वास की व्यवस्था की गई थी?

  8. DUSIB की वेबसाइट पर कितनी झुग्गियों की जानकारी है और कितनी अपडेट है?

  9. क्या झुग्गी बस्तियों को स्थायी समाधान देने की कोई नीति बनी?

  10. क्या दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार के साथ समन्वय बनाकर कोई योजना लागू की?


AAP-कांग्रेस में गठबंधन के बावजूद बढ़ रही दूरियां

गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दोनों केंद्र में ‘INDIA’ गठबंधन का हिस्सा हैं। लेकिन दिल्ली की राजनीति में दोनों पार्टियों के बीच लगातार कटुता देखने को मिल रही है। खासकर केजरीवाल सरकार पर कांग्रेस का यह हमला यह दर्शाता है कि राज्य स्तर पर विपक्षी एकता अभी भी खासी चुनौतीपूर्ण है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर दोनों पार्टियां अपनी-अपनी साख बचाने और जनसमर्थन जुटाने के लिए एक-दूसरे को कठघरे में खड़ा कर रही हैं।


निष्कर्ष: झुग्गी मुद्दे पर सियासी गरमाहट

दिल्ली में झुग्गी बस्तियों को लेकर उपजा विवाद अब सियासी रंग ले चुका है। जहां केजरीवाल सरकार खुद को गरीबों का हितैषी बता रही है, वहीं कांग्रेस उसी सरकार पर झुग्गीवालों के अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगा रही है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि इस राजनीतिक संघर्ष में वास्तविक लाभ किसे मिलेगा—जनता को या नेताओं को?

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