Site icon Post4india

गोरखपुर सीआईडी में तैनात महिला हेड कॉन्स्टेबल की मौत का रहस्य गहराया, आरोपी पति तीन महीने बाद अदालत में सरेंडर

गोरखपुर सीआईडी में तैनात महिला हेड कॉन्स्टेबल की मौत का रहस्य गहराया

अवैध संबंध, बीमा क्लेम और पारिवारिक विवादों पर नए खुलासे

गोरखपुर सीआईडी में तैनात महिला हेड कॉन्स्टेबल सरोज यादव की संदिग्ध मौत के मामले में बड़ा मोड़ सामने आया है। उनकी हत्या के आरोपी और पति, यूपी पुलिस के सिपाही अष्टभुज कुमार यादव ने वारदात के करीब तीन महीने बाद अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। 27 फरवरी को हुई मौत को पहले सामान्य माना गया था, लेकिन अगस्त में आई फॉरेंसिक रिपोर्ट ने पूरे मामले को पलट दिया।


फॉरेंसिक रिपोर्ट ने खोला पूरा मामला

27 फरवरी की रात सरोज यादव की मौत को शुरू में अचानक तबीयत बिगड़ने का मामला बताया गया था। पोस्टमार्टम में स्पष्ट कारण नहीं मिलने पर विसरा जांच कराई गई।
अगस्त में आई फॉरेंसिक रिपोर्ट में एल्युमीनियम फॉस्फाइड जहर मिलने की पुष्टि हुई। रिपोर्ट सामने आने के बाद सितंबर में शाहपुर पुलिस ने सरोज के पिता हरीलाल यादव की तहरीर पर अष्टभुज, उसकी मां और पिता के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया।


तीन महीने तक फरार रहा आरोपी पति

मामला दर्ज होते ही अष्टभुज यादव फरार हो गया था और शाहपुर पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। शनिवार को उसने अदालत में सरेंडर कर दिया। थाना प्रभारी नीरज राय ने बताया कि पुलिस अब आरोपी की रिमांड मांगकर आगे की पूछताछ की तैयारी कर रही है।


पीड़ित पिता ने लगाए गंभीर आरोप

सरोज के पिता हरीलाल यादव, जो सरकारी विभाग से रिटायर हैं, ने बताया कि दामाद अष्टभुज का खलीलाबाद में पोस्टिंग के दौरान एक महिला कांस्टेबल से अवैध संबंध था।
उनका दावा है कि सरोज ने रिश्ते का विरोध किया तो:

परिजनों के अनुसार 27 फरवरी की रात सरोज को जहर दिया गया और 28 फरवरी रात 1:36 बजे परिवार को फोन कर केवल “तबीयत खराब” होने की जानकारी दी गई।


बीमा रकम और कर्ज को लेकर भी सवाल

परिवार ने बताया कि शादी के बाद सरोज के नाम पर कई वित्तीय योजनाएं ली गई थीं:

आरोप है कि सरोज की मौत के बाद अष्टभुज ने बीमा क्लेम के लिए प्रयास भी किया। परिजनों को संदेह है कि बीमा रकम हड़पने की नीयत से ही हत्या की साजिश रची गई।


दो बच्चों के भविष्य पर संकट

सरोज और अष्टभुज की शादी 11 दिसंबर 2013 को हुई थी। दोनों के दो बच्चे—अनमोल (9) और अक्षरा (6)—अब मां की मौत और पिता की गिरफ़्तारी के बीच भविष्य को लेकर असमंजस में हैं। पीड़ित परिवार बच्चों की जिम्मेदारी को लेकर भी चिंतित है।


पुलिस सक्रिय, जल्द होगी रिमांड पूछताछ

शाहपुर थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी का सरेंडर मामले की जांच को आगे बढ़ाने में अहम कदम है। संवेदनशील मामले को देखते हुए पुलिस:

पुलिस का कहना है कि सभी साक्ष्यों की जांच तेजी से की जाएगी, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।


निष्कर्ष

महिला हेड कॉन्स्टेबल सरोज यादव की मौत का मामला अब हत्या की साजिश, अवैध संबंध और बीमा क्लेम जैसे गंभीर आरोपों के कारण और भी पेचीदा हो चुका है। आरोपी पति का सरेंडर होने के बाद अब जांच नए मोड़ ले सकती है। फॉरेंसिक रिपोर्ट और वित्तीय विवाद इस केस की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

यह भी पढ़ें:  पश्चिमी यूपी में फर्जी वोटिंग पर CM योगी सख्त, मेरठ-मुजफ्फरनगर में बढ़ी निगरानी – पदाधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

Exit mobile version