हरियाणा के रोहतक में खेल सुविधाओं की लापरवाही एक बार फिर सवालों के घेरे में है। मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में 16 साल के राष्ट्रीय स्तर के बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक की मौत हो गई। अभ्यास के दौरान जंग लगा और कमजोर बास्केटबॉल पोल अचानक टूटकर उसके ऊपर गिर गया। हादसा पूरी तरह खेल सुविधाओं की बदहाली की ओर इशारा करता है।
हादसा कैसे हुआ? CCTV ने सब कुछ दिखाया
वारदात रोहतक के लखन माजरा की है। हार्दिक सुबह अकेले प्रैक्टिस कर रहा था। CCTV फुटेज में दिखाई देता है कि जैसे ही वह डंक लगाने के लिए रिंग पर झूलता है, पुराना और जंग लगा पोल एकदम से टूटकर सीधे उसके सीने पर आ गिरा।
इसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
पोल की हालत देखकर चौंक गई ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम
जब आजतक की टीम मौके पर पहुंची, तो पोल की हालत देखकर साफ हो गया कि यह हादसा किसी भी दिन हो सकता था।
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पोल पूरी तरह जंग खाया हुआ था
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पेंट उखड़ा हुआ था
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लोहे की प्लेटें टूट रही थीं
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मरम्मत के कोई निशान नहीं थे
स्पष्ट है कि यह पोल वर्षों से मेंटेन नहीं किया गया था, इसके बावजूद खिलाड़ी रोज इसी पर अभ्यास कर रहे थे।
कोच ने कहा — “हमारी शिकायतें अनसुनी रहीं”
हार्दिक के कोच संदीप ने बताया कि पोल की खराब स्थिति की शिकायत वे कई बार कर चुके थे।
उन्होंने कहा—
“मैंने प्रशासन को कई बार बताया कि पोल किसी भी समय गिर सकता है। लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। देश ने एक होनहार खिलाड़ी खो दिया।”
दो दिन पहले भी हुआ था ऐसा ही हादसा
इस घटना के केवल 48 घंटे पहले बहादुरगढ़ में भी इसी तरह एक बास्केटबॉल पोल गिरने का मामला सामने आया था। इससे यह बात सामने आती है कि यह किसी एक जगह की समस्या नहीं, बल्कि राज्य में खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर की गंभीर लापरवाही का मामला है।
जर्जर बिल्डिंग पर भी टूटी नजर, ‘सीमेंट कैंसर’ फैला हुआ
टीम ने पास ही एक पुरानी इमारत भी देखी जिसे खिलाड़ी जिम के रूप में इस्तेमाल करते हैं। उसकी हालत भी बेहद खराब थी—
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छत की सीमेंट पर ‘सीमेंट कैंसर’ (फफूंदी और सरिया बाहर आना)
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सरिया पूरी तरह नजर आ रहा
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दीवारों में कई दरारें
खिलाड़ियों के अनुसार, वे मजबूरी में वहां अभ्यास करते हैं क्योंकि दूसरे स्टेडियम दूर हैं और रोज़ पहुंचना संभव नहीं।
खिलाड़ियों का आक्रोश — तुरंत इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार की मांग
हार्दिक की मौत ने स्थानीय खिलाड़ियों को झकझोर दिया है। वे कह रहे हैं कि—
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कई जगहों पर पोल जंग लगे हुए हैं
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कोर्ट टूटे हुए हैं
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जिम बिल्डिंग खस्ताहाल है
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शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं होती
अब खिलाड़ी और कोच खेल विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि ऐसे हादसे दोबारा न हों।
निष्कर्ष: खेल सुविधाओं की बदहाली खिलाड़ियों की जान ले रही है
हार्दिक की मौत सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक चेतावनी है।
हरियाणा जैसे खेल-प्रधान राज्य में भी मेंटेनेंस की कमी से खिलाड़ियों की जान जोखिम में पड़ रही है।
जरूरत है—
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जर्जर पोल, कोर्ट और बिल्डिंग की तत्काल मरम्मत
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खेल सुविधाओं की नियमित जांच
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सुरक्षा मानकों को लागू करने की
तभी इस तरह की त्रासदी रोकी जा सकती है।

