मध्य प्रदेश के निजी कॉलेज में छात्राओं के साथ गंभीर अपराध, NHRC ने सरकार को भेजी सख्त रिपोर्ट
मध्य प्रदेश के एक निजी कॉलेज से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें छात्राओं को नशा देकर उनके साथ दुष्कर्म, धर्मांतरण और ब्लैकमेलिंग जैसी घटनाएं हुई हैं। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने इस मामले की जांच के बाद राज्य सरकार को सख्त रिपोर्ट सौंप दी है। NHRC की रिपोर्ट में इसे यौन व्यापार जैसा गंभीर अपराध बताया गया है और आरोपी नेटवर्क के बारे में भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। इसके साथ ही आयोग ने पीड़ित छात्राओं की सुरक्षा, पढ़ाई और आर्थिक मदद के लिए कई निर्देश दिए हैं।
मध्य प्रदेश के कॉलेज में ड्रग्स, रेप और धर्मांतरण का मामला
मध्य प्रदेश के एक निजी कॉलेज में छात्राओं को नशीले पदार्थ देकर उनके साथ दुष्कर्म, धर्मांतरण और ब्लैकमेलिंग जैसी घटनाएं की गईं। यह मामला तब सामने आया जब कुछ छात्राओं ने आरोप लगाया कि उन्हें ड्रग्स देकर उनका शारीरिक शोषण किया गया और उनका धर्मांतरण भी किया गया। इन घटनाओं से पूरे राज्य में हड़कंप मच गया और मामले की गंभीरता को देखते हुए NHRC ने तुरंत हस्तक्षेप किया।
NHRC की रिपोर्ट और राज्य सरकार को भेजी गई सख्त सलाह
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने 13 से 17 मई के बीच मामले की जांच की और राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में आयोग ने इस अपराध को यौन व्यापार जैसा बताया है और आरोपियों के नेटवर्क के बड़े पैमाने पर फैलने की आशंका जताई है। NHRC ने यह भी कहा है कि इस मामले में पुलिस ने लापरवाही बरती है, और इसके लिए विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की है।
मुख्य आरोपी और नेटवर्क का विस्तार
रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में मुख्य आरोपी फरहान और मछली नाम की महिला शामिल हैं। दोनों के बीच मिलकर छात्राओं को नशा देकर उनका शारीरिक शोषण किया गया और फिर उनके धर्मांतरण की प्रक्रिया शुरू की गई। NHRC ने यह भी बताया कि इस अपराध के पीछे एक बड़े नेटवर्क का हाथ हो सकता है, जो अन्य राज्यों में भी फैल सकता है।
पीड़ितों के लिए राहत और सुरक्षा के निर्देश
NHRC ने पीड़ित छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई निर्देश दिए हैं। आयोग ने राज्य सरकार से कहा है कि वह पीड़िताओं को फिर से शिक्षा दिलवाने, छात्रवृत्ति प्रदान करने और उन्हें निरंतर सुरक्षा देने के लिए कदम उठाए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री राहत कोष से हर पीड़िता को 5 लाख रुपये की राहत राशि देने की सिफारिश की गई है, जबकि एक विशेष नाबालिग पीड़िता को 6 लाख रुपये देने का प्रस्ताव रखा गया है।
UGC के नियमों का पालन सुनिश्चित करने की सिफारिश
NHRC ने कॉलेज प्रशासन को UGC (University Grants Commission) के नियमों का सख्त पालन करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, आयोग ने कॉलेज में एंटी रैगिंग सेल के गठन और उसकी गतिविधियों को प्रभावी बनाने की भी सिफारिश की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार के अपराधों को रोका जा सके। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अनुपालन रिपोर्ट को दो हफ्ते के भीतर राज्य सरकार को भेजा जाए, ताकि इस मामले में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
राज्य सरकार और पुलिस के लिए सख्त निर्देश
NHRC ने राज्य सरकार से यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाए। इसके साथ ही पुलिस विभाग को एक नई जांच टीम का गठन करने का भी आदेश दिया गया है, जिसमें SSP रैंक से ऊपर के अधिकारी शामिल हों।
आने वाले दिनों में क्या कदम उठाए जाएंगे?
मध्य प्रदेश के इस मामले ने पूरी राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। NHRC की सख्त रिपोर्ट के बाद, अब राज्य सरकार के लिए यह अनिवार्य हो गया है कि वह पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए और अपराधियों को कड़ी सजा दिलवाए। इसके साथ ही, इस मामले को लेकर पूरे राज्य में जागरूकता फैलाने और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।
निष्कर्ष
मध्य प्रदेश के निजी कॉलेज में छात्राओं के साथ हुए इस दर्दनाक अपराध ने न केवल राज्य बल्कि देशभर में एक बड़ा सवाल खड़ा किया है। NHRC की सख्त रिपोर्ट और राज्य सरकार के लिए दिए गए निर्देश से उम्मीद की जा रही है कि पीड़ितों को न्याय मिलेगा और अपराधियों को सजा मिलेगी। इसके साथ ही, भविष्य में इस प्रकार के अपराधों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
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