8 वर्षीय टेक्नोलॉजिस्ट रणवीर सचदेवा से प्रभावित हुए सुंदर पिचाई और सैम ऑल्टमैन

AI इम्पैक्ट समिट में चमके युवा प्रतिभा

नई दिल्ली में AI इम्पैक्ट समिट में चमके युवा प्रतिभा

नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट में इस बार एक 8 वर्षीय भारतीय बालक ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। खुद को “टेक्नोलॉजिस्ट” कहने वाले रणवीर सचदेवा ने मंच से ऐसा आत्मविश्वास दिखाया कि देश-विदेश के दिग्गज नेता और टेक्नोलॉजी कंपनियों के सीईओ भी प्रभावित हुए बिना नहीं रह सके।

समिट में दुनिया भर से उद्योग जगत के प्रमुख चेहरे शामिल हुए थे। लेकिन कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जिस नाम की सबसे अधिक चर्चा हो रही है, वह है कोडर रणवीर सचदेवा।

सुंदर पिचाई और सैम ऑल्टमैन से मुलाकात

AI इम्पैक्ट समिट के दौरान रणवीर सचदेवा की मुलाकात गूगल के सीईओ Sundar Pichai और ओपनएआई के सीईओ Sam Altman से हुई। बताया जा रहा है कि दोनों टेक लीडर्स रणवीर की समझ और विचारों से काफी प्रभावित हुए।

ओपनएआई के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट भी साझा किया गया, जिसमें रणवीर, सैम ऑल्टमैन से बातचीत करते नजर आए। इस बातचीत का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, बातचीत के दौरान आपसी संपर्क विवरण भी साझा किए गए।

सबसे कम उम्र के वक्ता बने रणवीर

रणवीर सचदेवा ने खुद को एक टेक्नोलॉजिस्ट के रूप में परिचित कराया। वे नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इस समिट को संबोधित करने वाले सबसे कम उम्र के वक्ता बने। अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि वे किस तरह प्राचीन भारतीय दर्शन को आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत की सांस्कृतिक और दार्शनिक विरासत, AI के नैतिक और जिम्मेदार विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। रणवीर का कहना है कि तकनीक केवल मशीनों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसे मानवीय मूल्यों से भी जोड़ा जाना चाहिए।

AI और भारतीय दर्शन का अनोखा संगम

अपने भाषण में रणवीर ने समझाया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भविष्य केवल एल्गोरिद्म और डेटा पर निर्भर नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि AI को भारतीय दर्शन, नैतिकता और मानव-केंद्रित सोच से जोड़ा जाए, तो यह समाज के लिए अधिक उपयोगी और सुरक्षित बन सकता है।

उनकी स्पष्ट सोच और सरल प्रस्तुति शैली ने उपस्थित लोगों को प्रभावित किया। कई वरिष्ठ विशेषज्ञों ने भी मंच से उनकी सराहना की।

जेनेवा समिट में भी दिखा चुके हैं प्रतिभा

यह पहली बार नहीं है जब रणवीर अंतरराष्ट्रीय मंच पर चर्चा में आए हों। पिछले वर्ष वे जेनेवा में आयोजित ‘AI for Good Global Summit’ में भी शामिल हो चुके हैं। इस कार्यक्रम में उनकी मुलाकात सेल्सफोर्स के सीईओ Marc Benioff और इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (ITU) की महासचिव Doreen Bogdan-Martin से हुई थी।

कम उम्र में वैश्विक मंचों पर भागीदारी ने रणवीर को एक उभरते हुए युवा नवाचारकर्ता के रूप में पहचान दिलाई है।

सोशल मीडिया पर चर्चा में ‘कोडर रणवीर’

समिट के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर रणवीर सचदेवा की तस्वीरें और वीडियो तेजी से शेयर किए जा रहे हैं। लोग उनकी प्रतिभा, आत्मविश्वास और तकनीकी समझ की सराहना कर रहे हैं। कई यूजर्स उन्हें भारत का “यंग AI प्रोडिजी” भी कह रहे हैं।

निष्कर्ष

AI इम्पैक्ट समिट में 8 वर्षीय रणवीर सचदेवा की उपस्थिति ने यह साबित कर दिया कि उम्र प्रतिभा की सीमा नहीं होती। सुंदर पिचाई और सैम ऑल्टमैन जैसे वैश्विक टेक नेताओं से मुलाकात और उनकी सराहना ने रणवीर को नई पहचान दी है।

यदि इसी तरह युवा पीढ़ी तकनीक और भारतीय मूल्यों को साथ लेकर आगे बढ़ती है, तो भारत AI के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर तेजी से कदम बढ़ा सकता है।

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