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चंबल नदी में मगरमच्छों ने कर दिया हमला, पानी में खींच ले गए पर्यटक रूप सिंह, 24 घंटे बाद मिला शव

चंबल नदी में मगरमच्छों ने कर दिया हमला

चंबल सफारी में घूमने आए पर्यटक पर मगरमच्छ का हमला

मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में स्थित चंबल सफारी क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने सभी को दहला दिया। राजस्थान के करौली से घूमने आए रूप सिंह गुर्जर पर मगरमच्छों ने हमला कर दिया और उन्हें पानी में खींचकर ले गए। घटना राजघाट क्षेत्र की है, जहां रूप सिंह अपने परिवार के साथ घूमने पहुंचे थे।

मगरमच्छों के हमले के बाद एसडीआरएफ (State Disaster Response Force) की टीम ने करीब 24 घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया और अंततः गुरुवार को नदी से रूप सिंह का शव बरामद कर लिया गया।


कैसे हुआ हादसा – नदी किनारे गए और मगरमच्छों ने घसीटा पानी में

जानकारी के अनुसार, रूप सिंह गुर्जर, जो राजस्थान के करौली जिले के रहने वाले थे, बुधवार को अपने बेटे और बहनोई के साथ चंबल सफारी घूमने आए थे। तीनों राजघाट के पास नदी किनारे टहल रहे थे। इसी दौरान रूप सिंह को शौच के लिए नदी किनारे जाना पड़ा।

जैसे ही वह किनारे पहुंचे, पानी में छिपे तीन मगरमच्छ अचानक बाहर निकले और उन पर हमला कर दिया। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाते, मगरमच्छ उन्हें खींचकर नदी की गहराई में ले गए।


परिजनों की चीख-पुकार से मचा हड़कंप, मौके पर पहुंची पुलिस और एसडीआरएफ

रूप सिंह पर हमला होते ही उनके परिजनों ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही मुरैना पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और खोज अभियान शुरू किया गया।

हालांकि, चंबल नदी की तेज धारा और गहराई के कारण रेस्क्यू अभियान बेहद कठिन रहा। टीम ने ड्रोन कैमरे और नावों की मदद से तलाशी ली। करीब 24 घंटे की लगातार मेहनत के बाद गुरुवार को रूप सिंह का शव नदी से बरामद किया गया।


अधिकारियों ने दी जानकारी

एडिशनल एसपी सुरेंद्र पाल सिंह ने बताया,

“राजस्थान के करौली निवासी रूप सिंह गुर्जर अपने परिवार के साथ चंबल सफारी घूमने आए थे। राजघाट क्षेत्र में नदी किनारे जाने पर मगरमच्छों ने उन पर हमला कर दिया। एसडीआरएफ की टीम ने 24 घंटे चले रेस्क्यू अभियान के बाद शव को बरामद किया।”

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।


प्राकृतिक आवास में लापरवाही बनी हादसे की वजह

यह क्षेत्र चंबल अभयारण्य का हिस्सा है, जो मगरमच्छों और घड़ियालों का प्राकृतिक आवास माना जाता है। बावजूद इसके, पर्यटक अक्सर नदी किनारे सेल्फी लेने या पानी के पास जाने की गलती कर बैठते हैं।

स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि पर्यटकों को सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए और नदी के पास जाने से बचना चाहिए। यह हादसा एक बार फिर लापरवाही के खतरनाक नतीजों की याद दिलाता है।


प्रशासन ने जारी की चेतावनी

इस दर्दनाक घटना के बाद मुरैना प्रशासन ने चंबल सफारी क्षेत्र में सुरक्षा उपायों को और सख्त करने का फैसला किया है।
प्रशासन ने कहा है कि —


चंबल नदी: मगरमच्छों और घड़ियालों का घर

चंबल नदी भारत की उन कुछ नदियों में से एक है, जहां मगरमच्छों और घड़ियालों की बड़ी संख्या पाई जाती है। यहां घड़ियाल सेंचुरी भी स्थापित की गई है, जो वन्यजीव प्रेमियों के बीच प्रसिद्ध है।

विशेषज्ञों का कहना है कि चंबल नदी के किनारे अनजाने में भी पानी के पास जाना बेहद खतरनाक हो सकता है, क्योंकि मगरमच्छ आमतौर पर सतह के नीचे छिपे रहते हैं और अचानक हमला करते हैं।


निष्कर्ष

मुरैना के चंबल सफारी क्षेत्र में हुआ यह हादसा एक दर्दनाक चेतावनी है कि प्राकृतिक स्थलों की सुंदरता के बीच भी खतरा छिपा हो सकता है।
रूप सिंह गुर्जर की मौत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नदी किनारे थोड़ी सी असावधानी भी जानलेवा साबित हो सकती है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और नदी किनारे जाने से बचें।

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